नई दिल्लीः ईरान ने अपने जनरल कमांडर की हत्या का बदला लेने के लिए अमेरिका से युद्ध का ऐलान कर दिया है. ईरान ने अमेरिका के खिलाफ युद्ध के संकेत क्योम शहर स्थित ऐतिहासिक मस्जिद जामकरन में लाल झंडे को फहरा कर दिया. बता दें कि ईरान में लाल झंडे का मतलब युद्ध का ऐलान करना होता है. Also Read - Corona Vaccine News: अमेरिका ने Johnson & Johnson के टीके पर की अस्थायी रोक की सिफारिश, जानें वजह..

आपको बता दें कि अमेरिका द्वारा ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद ईरान ने इसका बदला लेने की धमकी दी थी और ठीक इसके बाद ईरान ने ईराक स्थित अमेरिकी दूतावास में मिसाइल से हमले किए थे. अमेरिका ने ईरान की इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताया और इसके बाद ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अब वह कुछ ऐसा कदम उठाता है तो उसको इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे. Also Read - ईरान के नातान्ज परमाणु इकाई में क्‍या हुआ? इसे ईरानी न्‍यूक्‍लीयर चीफ ने ‘परमाणु आतंकवाद’ करार दिया

अमेरिका ने ईरान से कहा कि उसके 50 ठिकाने निशाने पर हैं और यदि ईरान किसी भी तरह से अमेरिकी नागरिक या फिर अमेरिकी संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो ये सभी ठिकाने नष्ट कर दिए जाएंगे. Also Read - US Capitol Lockdown: अमेरिकी संसद के बाहर कार ने पुलिस अधिकारियों को मारी टक्कर, यूएस कैपिटॉल में लगा लॉकडाउन


शनिवार सुबह ईरान ने अपनी जामकरन मस्जिद के ऊपर लाल झंडा फहराकर युद्ध के ऐलान के लिए अलर्ट जारी किया. अगर ईरान के इतिहास के नजरिए से देखा जाए तो लाल तब दिखाया जाता है जब युद्ध शुरू हो जाता है, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब ईरान ने अपनी मस्जिद में लाल झंडा फहराया है. ईरान ने जामकरन मस्जिद से धार्मिक झंडे को हटा दिया है और उसकी जगह पर अब लाल झंडा लगाया है.

ऐसा माना जाता है कि हुसैन साहब ने कर्बला युद्ध के दौरान मस्जिद के में लाल झंडा फहराया था और तभी से इसे युद्ध के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है. लाल रंग का मतलब खून होता है और यह शहादत का भी प्रतीक है.