LPG संकट के बीच ईरान ने निभाई दोस्ती, होर्मुज के रास्ते भारत आएंगे सिलिंडर से भरे जहाज

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत को राहत देने वाली बड़ी खबर मिली है. होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय LPG जहाजों को गुजरने की अनुमति मिल गई है, जिससे देश में गैस सप्लाई को राहत मिलने की उम्मीद है.

Updated Date:March 13, 2026 11:39 PM IST

By Gargi Santosh Edited By Gargi Santosh

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मिडिल ईस्ट क्षेत्रों में जारी जंग के बीच, भारत के लिए एक राहत वाली खबर सामने आई है. दरअसल, होर्मुज स्‍ट्रेट के रास्ते भारत के लिए दो LPG जहाजों को यहां से गुजरने की अनुमति मिल गई है. इन जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलने से भारत में रसोई गैस की सप्लाई को कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है. बता दें इस समय वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो रही है और भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए यह खबर काफी राहत देने वाली है.

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भारत पहुंच सकते हैं तेल टैंकर

सूत्रों के मुताबिक, एक कच्चे तेल का टैंकर भी जल्द भारत पहुंच सकता है. बताया जा रहा है कि यह टैंकर मार्च की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरा था और इसमें सऊदी अरब का कच्चा तेल लदा हुआ है. अगर यह जहाज तय समय पर भारत पहुंच जाता है, तो इससे ऊर्जा सप्लाई को और मजबूती मिलेगी. विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय समुद्री मार्गों पर सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है, क्योंकि युद्ध जैसे हालात के कारण कई जहाज रास्ते में ही रुक गए थे. ऐसे में किसी भी जहाज का सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंचना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था को भी भरोसा मिलेगा.

होर्मुज के आसपास फंसे थे कई भारतीय जहाज

इस पूरे घटनाक्रम से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भारत के झंडे वाले कई जहाज फंसे हुए थे. सरकारी जानकारी के मुताबिक, करीब 28 भारतीय जहाज इस क्षेत्र में रुके हुए थे. इनमें से 24 जहाज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में और चार जहाज पूर्वी हिस्से में थे. राहत की बात यह रही कि इन चार जहाजों में से एक तेल टैंकर जग प्रकाश’ सुरक्षित रूप से अपने रास्ते पर रवाना हो गया. यह जहाज ओमान के सोहार बंदरगाह से गैसोलीन लेकर अफ्रीका के तंजानिया स्थित तंगा बंदरगाह की ओर जा रहा था. युद्ध जैसे हालात के बीच किसी जहाज का सुरक्षित निकलना काफी बड़ी राहत माना जा रहा है.

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देश में LPG को लेकर बढ़ी चिंता

इसी बीच भारत के कई हिस्सों में रसोई गैस को लेकर चिंता का माहौल भी देखने को मिला. कई शहरों और राज्यों में लोग गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में दिखाई दिए. लोगों को डर था कि अगर युद्ध का असर सप्लाई पर पड़ा, तो गैस की कमी हो सकती है. कुछ जगहों से गैस सिलेंडर की जमाखोरी और छोटे भोजनालयों के बंद होने की खबरें भी सामने आईं. खासतौर पर छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट फूड बेचने वालों को ज्यादा परेशानी हुई, क्योंकि उनका पूरा कारोबार गैस सिलेंडर पर निर्भर करता है. इस स्थिति ने आम लोगों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया.

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सरकार ने कहा – घबराने की जरूरत नहीं

हालांकि, सरकार ने साफ कहा है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है. पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, घरेलू गैस की सप्लाई पूरी तरह से जारी है और घबराकर सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं है. मंत्रालय के मुताबिक, युद्ध से पहले जहां रोजाना करीब 55 लाख बुकिंग होती थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 75 लाख तक पहुंच गई है. यह बढ़ोतरी साफ तौर पर घबराहट में की जा रही बुकिंग को दिखाती है. सरकार ने बताया कि घरेलू एलपीजी उत्पादन में भी हाल के दिनों में करीब 30 प्रतिशत तक वृद्धि की गई है, ताकि देश में गैस की सप्लाई लगातार बनी रहे और लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

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Published Date:March 13, 2026 11:39 PM IST

Updated Date:March 13, 2026 11:39 PM IST