इजरायल ने ईरान पर किया हमला, क्यों है ये ट्रंप और पाकिस्तान दोनों की बेइज्जती?
Israel Iran War: अमेरिका राष्ट्रपति ने नेतन्याहू से अनुरोध किया था कि वे ईरान केहमलों का जवाब न दें. उधर, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ईरान पहुंचे थे.
ईरान संघर्ष के 100 दिन बार फिर युद्ध शुरू होना दुनिया के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं. (photo credit, IANS)
Israel Iran War: तेहरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों के जवाब में इजरायल ने ईरान के मध्य और पश्चिमी इलाकों में हवाई हमले किए हैं. इससे फिर से जबरदस्त लड़ाई छिड़ गई है. ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल संघर्ष को खत्म करने के लिए किसी संभावित समझौते तक पहुँचने की मध्यस्थता कोशिशें और मुश्किल हो गई हैं. जबकि इन हमलों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के पीएम नेतन्याहू को फोन किया था.
ट्रंप और पाकिस्तान दोनों की बेइज्जती
ट्रंप ने नेतन्याहू ने अनुरोध किया था कि वे ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों का जवाब न दें. वहीं रविवार (7 जून को) पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ईरान पहुंचे थे. उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की. इसके बाद भी जंग आक्रामक हो गई है. पाकिस्तान शांति स्थापित करने की हर कोशिश में मात खा रहा है.
ईरान के किन इलाकों पर इजरायल ने किया है हमला
तेहरान की समाचार एजेंसी IRNA ने बताया कि तेहरान में कम से कम "दो जबरदस्त धमाके" और इस्फहान, कराज और तबरीज शहरों में कम से कम तीन धमाके सुने गए. इजरायली हमले के बाद ईरान ने देश के मुख्य हवाई अड्डे, तेहरान के इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आस-पास का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया.
बड़ी बातें
- इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने दावा किया कि इजरायली वायु सेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं
- इजरायल ने दावा किया कि उसके लड़ाकू विमान ईरान के भीतर स्थित सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे थे
- आईआरजीसी ने कहा कि इजरायल ने अपने नवीनतम हमलों में हवाई-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है
इजरायली सेना ने रविवार रात ईरान के हमलों की जानकारी देते हुए कहा था कि वह किसी भी संभावित मिसाइल हमले और आगे की कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है. आईडीएफ के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने रविवार को कहा कि मिसाइलें दागकर ईरान ने "बहुत बड़ी गलती" की है. बीती रात ईरान ने इजरायल की ओर चार बार मिसाइलों की बौछार की थी. इसके बाद इजरायल ने जवाबी कार्रवाई की.
ईरान बेअसर हो चुका है: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमताएं काफी कमजोर हो गई हैं और यह संघर्ष "अंतहीन युद्ध" नहीं बनेगा. एनबीसी के 'मीट द प्रेस' कार्यक्रम में एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास अब केवल अपने मिसाइल भंडार का एक छोटा सा हिस्सा ही बचा है. महीनों तक चली अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान से उत्पन्न खतरा काफी हद तक कम हो गया है. ईरान की शेष सैन्य क्षमता के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, "शायद उनके पास 21-22 प्रतिशत मिसाइलें बची हैं.
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