ईरान को माननी ही होंगी ये तीन शर्तें! डोनाल्ड ट्रंप ने खींच दी लक्ष्मण रेखा, कौन सी बात मनवाने पर अड़ा अमेरिका?

Written By: Shivendra Rai Updated by: Shivendra Rai
Published Date:May 29, 2026 8:24 AM IST

अमेरिका ने ईरान के सामने तीन शर्तें रखी हैं. इसमें संवर्धित यूरेनियम, समुद्र में आवाजाही और परमाणु हथियार का जिक्र है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ट्रंप की शर्तों की जानकारी दी है.

America-Iran: अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के साथ किसी भी समझौते के लिए तीन ऐसी शर्तें रखी हैं जिसे न मानने की स्थिति में युद्ध नहीं रुकेगा. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले के बारे में बताया है. ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान को अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम सौंपना ही होगा. इसके अलावा ईरान के सामने अन्य दो शर्तें भी रखी गई हैं.

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अमेरिका ने क्या रेड लाइन तय की?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले की जानकारी देते हुए ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान को एनरिच्ड यूरेनियम सौंपना होगा, परमाणु हथियार बनाने की किसी भी कोशिश को छोड़ना होगा और होर्मुज से मुक्त आवाजाही बहाल करनी होगी. अमेरिका ने जोर देकर कहा है कि समुद्र में आवाजाही पहले की तरह ही स्वतंत्र और खुली होनी चाहिए.

क्या अस्थायी समझौता हो चुका है?

ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने उन मीडिया रिपोर्ट्स की पुष्टि करने से इनकार कर दिया जिनमें कहा गया था कि एक अस्थायी समझौता पहले ही हो चुका है. हालांकि, 28 मई को व्हाइट हाउस में एक ब्रीफिंग के दौरान बेसेंट ने पत्रकारों से कहा कि दोनों टीमें लगातार बातचीत कर रही हैं. उन्होंने कहा कि प्रसिडेंट ट्रंप ने एक दिन पहले कैबिनेट की बैठक के दौरान अपना रुख साफ कर दिया था. बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी लोगों के लिए एक बेहतरीन समझौता करेंगे.

ट्रेजरी सेक्रेटरी बेसेंट ने आगे कहा कि प्रशासन की सैन्य और आर्थिक दबाव की रणनीति ईरान को बातचीत की मेज पर वापस लाने में सफल रही है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ ऐसा किया है जो कोई अन्य प्रशासन नहीं कर पाया. हमने ईरानियों को उनके परमाणु कार्यक्रम के बारे में बात करने के लिए राजी किया है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.

बेसेंट ने साफ किया कि जब तक अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला हुआ नहीं देख लेता, जब तक ईरानी इस बात पर सहमत नहीं हो जाते कि उन्हें अपना अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम सौंपना होगा और वे कोई परमाणु कार्यक्रम नहीं रख सकते, तब तक प्रतिबंधों में राहत को लेकर कोई भी प्रस्ताव बातचीत की मेज पर नहीं रखा जाएगा.

सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला है...

बेसेंट ने संकेत दिया कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है लेकिन, ट्रंप प्रशासन का सब्र असीमित नहीं है. हाल के तनाव और कथित संघर्ष-विराम उल्लंघनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका कूटनीति पर ही अपना ध्यान केंद्रित रखे हुए है. बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा शांति समझौते को ही प्राथमिकता देते हैं. साथ ही उन्होंने यह भी आगाह किया कि अगर कूटनीति नाकाम रहती है, तो सैन्य विकल्प फिर से आजमाए जा सकते हैं. बेसेंट ने यह दावा भी किया कि दबाव की वजह से ईरानी नेतृत्व की निर्णय लेने की प्रक्रिया पर असर हुआ है.

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