एक ही रास्ता... लेकिन नियम अलग, Suez में टोल देना ठीक तो होर्मुज में क्यों नहीं? यहां समझें पूरा गणित
ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले हर जहाज को टैक्स देना पड़े. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ईरान तेल टैंकरों से प्रति बैरल $1 तक शुल्क वसूलने की योजना बना रहा है.
Photo from AI
खाड़ी देशों को हिंद महासागर से जोड़ने वाला होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बेहद अहम समुद्री रास्ता है. यह कोई छोटा-मोटा मार्ग नहीं, बल्कि इससे तेल और आवश्यक सामान दुनिया के बड़े हिस्से तक पहुंचता है. ईरान पर हाल ही में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद यह रास्ता जंग का केंद्र बन गया है. ईरान ने इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही रोक दी. यह कदम इस क्षेत्र तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि तेल सप्लाई और व्यापार पर दुनिया भर में दबाव डालने लगा.
होर्मुज पर टोल वसूलने का प्लान कर रहा ईरान
अब ईरान चाहता है कि इस रास्ते से गुजरने वाले हर जहाज को एक तय शुल्क यानी टैक्स देना पड़े. उसका कहना है कि रास्ते की सुरक्षा और नियंत्रण के लिए यह कदम उठाना जरूरी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान जहाज के प्रकार और उसमें भरे सामान के हिसाब से फीस तय करना चाहता है. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ईरान तेल टैंकरों से प्रति बैरल $1 तक शुल्क वसूलने की योजना बना रहा है. लेकिन बहुत से देश ईरान की इस प्लान को सही नहीं मानते, क्योंकि यह रास्ता पहले पूरी तरह से खुला और मुफ्त था.
ईरान-इजरायल जंग से जहाजों की आवाजाही पर असर
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरना अब जोखिम भरा हो गया है, क्योंकि यहां तनाव बढ़ा है. कुछ जहाजों को कड़ी निगरानी में गुजरने दिया जा रहा है. तेल और अन्य आवश्यक सामग्री की सप्लाई प्रभावित हो रही है. क्योंकि कई कंपनियों ने इस मार्ग से अपने जहाजों को चलाना कम कर दिया है, इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार पर असर देखने को मिला. खासकर वे देश जो इस रास्ते पर निर्भर हैं, उन्हें बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
अंतरराष्ट्रीय कानून क्या कहता है?
समुद्री नियमों के अनुसार, किसी भी देश को प्राकृतिक जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए सीधे शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं है. हां, वे कुछ सेवाओं के लिए सीमित शुल्क ले सकते हैं, लेकिन सामान्य रास्ते के लिए शुल्क लेना कानून के खिलाफ है. इसलिए कई देशों ने ईरान की मांग पर आपत्ति जताई है. वे चाहते हैं कि यह रास्ता पहले की तरह बिना किसी बाधा के सभी के लिए खुला रहे.
अब Suez का नियम भी जान लें
अब बात करें स्वेज नहर (Suez Canal) की तो इसे मिस्र ने बनाया और चलाता भी यही है. स्वेज को इससे गुजरने वाले हर जहाज से ट्रांजिट शुल्क वसूलने का पूरा अधिकार है. नहर के संचालन, सुरक्षा और रखरखाव पर यह शुल्क लागू होता है. अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत भी कृत्रिम नहरों पर ऐसी फीस लेना पूरी तरह वैध माना जाता है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें