
Gargi Santosh
गार्गी संतोष, जी मीडिया के India.com में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, और ... और पढ़ें
ईरान में महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक बदहाली के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार गंभीर हो रहे हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि देश की स्थिरता से खिलवाड़ करने वालों को मृत्युदंड तक दिया जा सकता है. उन्होंने तेहरान में समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी विदेशी ताकतों, खासकर अमेरिका को खुश करने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं. वहीं ईरान की न्यायपालिका के प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसिनी-इजेई ने भी साफ किया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी और अधिकतम सजा दी जाएगी. इन बयानों के बाद देश में डर और तनाव का माहौल और गहरा हो गया है.
वहीं, निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने बड़ा ऐलान करते हुए ईरान लौटने की इच्छा जताई है. उन्होंने ईरानी जनता से अपील की है कि अब सिर्फ सड़कों पर उतरने से काम नहीं चलेगा, बल्कि शहरों के प्रमुख सिटी सेंटर्स पर कब्जा कर सरकार पर दबाव बढ़ाना होगा. रजा पहलवी ने कहा कि अगर सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की सत्ता को चुनौती देनी है तो आंदोलन को ज्यादा संगठित और निर्णायक बनाना जरूरी है. उनके इस बयान के बाद ईरान की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है.
रजा पहलवी ने सबसे पहले ईरान में बढ़ती महंगाई और बिगड़ती अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों से विरोध प्रदर्शन करने की अपील की थी. शुरुआत में यह आंदोलन शांतिपूर्ण था, लेकिन धीरे-धीरे यह उग्र रूप लेता चला गया. ईरानी सरकार ने स्थिति को काबू में करने के लिए सेना और सुरक्षा बलों को सख्त कार्रवाई के आदेश दे दिए. कई जगहों पर गोलीबारी की खबरें सामने आईं, जिसमें बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की मौत होने का दावा किया जा रहा है. गैर-सरकारी रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक करीब 2017 लोगों के मारे जाने की बात कही जा रही है, जबकि सरकारी आंकड़ों में सिर्फ 65 मौतें स्वीकार की गई हैं. इस अंतर ने सरकार की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
ईरान में हालात बिगड़ते देख अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कड़ा रुख अपनाया है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई कर सकता है. उन्होंने साफ किया कि किसी भी हमले का मतलब जमीनी सेना भेजना नहीं होगा, बल्कि ऐसे ठिकानों पर जोरदार हमला किया जाएगा, जिससे सबसे ज्यादा असर पड़े. इस बयान को वेनेजुएला पर हुई अमेरिकी कार्रवाई के बाद बेहद गंभीर माना जा रहा है. इसी बीच एसोसिएटेड प्रेस को मिले वीडियो में उत्तरी तेहरान के सादत आबाद इलाके में हजारों लोगों को सड़कों पर उतरते और “खामेनेई मुर्दाबाद” के नारे लगाते देखा गया है. इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि ईरान में हालात आने वाले दिनों में और विस्फोटक हो सकते हैं.
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