
Farha Fatima
फ़रहा फ़ातिमा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन के बाद पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2015 में LIVE India में इंटर्नशिप से की. प्रारंभिक दौर में ही उन्होंने जामिया ... और पढ़ें
ईरान में 13 दिनों से जारी विरोध-प्रदर्शन ने अब गंभीर रूप ले लिया है. ईरान की स्थिति को लेकर ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूरोपीय संघ ने एक संयुक्त बयान जारी कर ईरानी सरकार की कड़ी आलोचना की है. तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरानी जनता के साहस की सराहना की है. कहा है शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अपने मौलिक अधिकार के लिए खड़े हैं. कहा गया कि ईरान को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार की अनुमति देनी चाहिए, ताकि लोग किसी भी तरह के प्रतिशोध के डर के बिना अपनी बात रख सकें.
ईरान के कई हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है. हालात तनावपूर्ण होने पर संचार सेवाएं भी बाधित कर दी गई हैं.
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों पर प्रवासी विपक्षी गुट और यूनाइटेड स्टेट्स की तरफ से काम करने का आरोप लगाया. खामेनेई ने कहा उन पर दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी ही सड़कों पर तबाही का आरोप लगाया. खामेनेई ने संकेत दिए कि सुरक्षा बल अब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई करेंगे. सरकारी टीवी पर प्रसारित वीडियो में ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे भी सुनाई दिए.खामेनेई ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ ईरानियों के खून से सने हैं. खामेनेई ने कहा कि ट्रंप को अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने ट्रंप से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “मिस्टर प्रेसिडेंट, यह ईरान के लोगों के लिए तुरंत मदद और कार्रवाई की अपील है.” पहलवी की अपील के बाद गुरुवार और शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे. कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने पहलवी के समर्थन में नारे लगाए और उनकी ईरान वापसी की मांग की. रजा पहलवी के पिता ईरान के आखिरी शाह थे, जिन्हें 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद सत्ता छोड़कर देश छोड़ना पड़ा था.
ट्रंप ने कहा है अगर ईरानी शासन प्रदर्शन कर रहे लोगों को निशाना बनाता है, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा. ट्रंप ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए बल प्रयोग न किया जाएगा. अमेरिका हालात पर करीब से नजर रख रहा है और अगर नागरिकों के खिलाफ हिंसा बढ़ती है तो जवाब दिया जाएगा. ईरान गंभीर आंतरिक अशांति का सामना कर रहा है. यह स्थिति देश के नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है. ईरान बड़ी मुसीबत में है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहती है तो अमेरिका कार्रवाई कर सकता है.मैंने बहुत मजबूती से यह बयान दिया है कि अगर वे पहले की तरह लोगों को मारना शुरू करते हैं तो हम दखल देंगे. (इनपुट IANS हिंदी से)
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