तेहरानः ईरान ने शनिवार को स्वीकार किया कि उसकी सेना ने मानवीय चूक के चलते ‘अनजाने में’ यूक्रेन(Ukraine) के विमान को मार गिराया था, जिससे उसमें सवार 176 लोगों की मौत हो गई. यह बयान शनिवार सुबह आया, जिसमें कहा गया कि मानवीय चूक के चलते यह दुर्घटना हुई.

गौरतलब है कि यूक्रेन इंटरनेशनल एयरलाइंस का बोइंग 737 विमान तेहरान(Tehran) से उड़ान भरने के कुछ समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. ईरान द्वारा इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल हमले के कुछ देर बाद यह विमान हादसा हुआ था.

इससे पहले ईरान ने कई दिनों तक विमान को गिराने की बात से इनकार किया, लेकिन अमेरिकी(America) और कनाडा(Canada) ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि ईरान ने ही विमान को मार गिराया है. यह विमान यूक्रेन की राजधानी कीव जा रहा था. बुधवार को दुर्घटनाग्रस्त हुए इस विमान में ईरान के 82, कनाडा के 63, यूक्रेन के 11, स्वीडन के 10, अफगानिस्तान के चार, जर्मनी के तीन और ब्रिटेन के तीन नागरिक सवार थे.


ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने ट्वीट कर पीड़ित परिवारों के लिए “गहरा अफसोस, माफी और शोक” व्यक्त किया. उन्‍होंने ट्विटर पर लिखा, “एक दुखद दिन.” सशस्त्र बलों द्वारा आंतरिक जांच के प्रारंभिक निष्कर्ष : अमेरिका के एडवेंचरिज्‍म के कारण हुई इस मानवीय भूल ने तबाही मचाई. हमारा गहरा अफसोस, हमारे लोगों, सभी पीड़ितों के परिवारों और अन्य प्रभावित राष्ट्रों के लिए हमारा गहरा पछतावा, माफी और संवेदना है.

अमेरिकी हवाई हमले में ईरानी जनरल क़ासिम सुलेमानी(Qasem Soleimani ) की मौत के बाद जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इराक में दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया था. हालांकि, हमले में इन ठिकानों पर कोई घायल नहीं हुआ था. ईरान के सरकारी मीडिया ने सेना के बयान के हवाले से बताया कि विमान के रिवोल्युशनरी गार्ड के ‘संवेदनशील सैन्य केंद्र’ की ओर मुड़ने के बाद उसे गलती से दुश्मन का विमान समझ लिया.

आपको बता दें कि इससे पहले कनाडा के प्रधानमंत्री ने इस बारे में कहा था कि उन्हें खूफिया रिपोर्ट्स में यह पता चला है कि यात्री विमान को ईरान के मिसाइल हमलों में निशाना बनाया गया. दुनिया भर के कई देशों ने इस बात पर संदेह जाहिर किया था कि मिसाइल हमलों में ही यात्री विमान क्रैश हुआ है लेकिन ईरान लगातार इस बात को नकार रहा था.