तेहरान, 4 मार्च | ईरान का कहना है कि अमेरिकी कांग्रेस में मंगलवार को दिए गए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण में धूर्तता नजर आई। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारजिख अफखम ने कहा कि नेतन्याहू का भाषण इजरायल में कट्टरपंथियों की ‘कमजोरी और उनके अलग-थलग पड़ने’ तथा अंतर्राष्ट्रीय नीतियों को प्रभावित करने की उनकी कोशिश का संकेत था। यह भी पढ़ें–मोहन भागवत: भारत इजराइल से सीख ले

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, उन्होंने पिछले साल गाजा पट्टी में इजरायली हमले का जिक्र करते हुए कहा, “इसमें कोई शक नहीं है कि विश्व इजरायल सरकार का समर्थन नहीं करता है, जिसने बच्चों की हत्या की है।” उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नेतन्याहू का लगातार कहा जाने वाला झूठ अब उबाऊ हो गया है।  उन्होंने कहा कि ईरान देश के परमाणु मुद्दे को लेकर ‘बनाई गई संकटपूर्ण स्थिति’ को दूर करने का इच्छुक है। अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर विश्व की छह महाशक्तियों के साथ वार्ता में हिस्सा लेने से विश्व भर में ईरान को लेकर फैलाया गया भय दूर हुआ है।

गौरतलब है कि मंगलवार को इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा था कि ईरान के साथ एक बुरा समझौता करने से अच्छा है कि हम इससे दूरी बरतें।