क्या थमने वाली है जंग? ईरान ने इजरायल के खिलाफ ऑपरेशन रोकने का किया बड़ा ऐलान
ईरान ने इजरायल के खिलाफ अपना सैन्य ऑपरेशन रोकने का ऐलान किया है. साथ ही कड़ी चेतावनी भी दी है. जानिए मिडिल ईस्ट के ताजा घटनाक्रम के बारे में.
ईरान का कहना है कि उसकी हालिया सैन्य कार्रवाई लेबनान के लोगों के समर्थन में की गई थी. (Photo from IANS)
मिडिल ईस्ट में लंबे समय से जारी तनाव के बीच ईरान ने एक बड़ा फैसला लिया है. ईरान की मुख्य सैन्य कमान खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने इजरायल के खिलाफ चल रहे सैन्य ऑपरेशन को फिलहाल रोकने की घोषणा की है. यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब दोनों देशों के बीच हाल के दिनों में मिसाइल और हवाई हमलों का दौर देखने को मिला था. हालांकि, ऑपरेशन रोकने के साथ ही ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी नए हमले या उकसावे को हल्के में नहीं लेगा. इस ऐलान के बाद क्षेत्रीय हालात पर दुनिया की नजरें टिक गई हैं और इसे तनाव कम करने की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है.
ईरान ने इजरायल को दी कड़ी चेतावनी
ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसी फारस के अनुसार, सैन्य मुख्यालय ने अपने बयान में कहा है कि अगर इजरायल ने दक्षिणी लेबनान, बेरूत के दहिह इलाके या किसी अन्य क्षेत्र में कोई नया आक्रमण किया, तो उसे कठोर और कुचल देने वाला जवाब मिलेगा. ईरान का कहना है कि उसकी हालिया सैन्य कार्रवाई लेबनान के लोगों के समर्थन में की गई थी. साथ ही, उसने अमेरिका पर भी इजरायली सैन्य अभियानों का समर्थन करने का आरोप लगाया. ईरानी नेतृत्व का मानना है कि हाल के घटनाक्रमों से इजरायल को सबक मिल जाना चाहिए था.
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने दिया एकता का संदेश
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश जारी करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और जनता की शांति उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि ईरान अपने अधिकारों की रक्षा पूरी ताकत से करेगा और किसी भी खतरे के सामने पीछे नहीं हटेगा. राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान कूटनीति और रक्षा दोनों रास्तों पर साथ-साथ आगे बढ़ रहा है. उनके अनुसार, देश ने न तो बातचीत का रास्ता छोड़ा है और न ही अपनी सुरक्षा को लेकर कोई समझौता किया है. उन्होंने जनता से एकजुट रहने की अपील भी की.
ट्रंप की अपील के बाद रुका इजरायली हमला?
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर इजरायल ने ईरान पर अपने हमले रोक दिए. हालांकि, इस दावे पर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. इसके बावजूद यह संकेत जरूर मिलता है कि अमेरिका क्षेत्र में तनाव को और बढ़ने से रोकने की कोशिश कर रहा है. पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता पैदा कर दी थी.
हमलों और जवाबी कार्रवाई से बढ़ा था तनाव
हालिया संघर्ष के दौरान ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमले किए थे, जिसके जवाब में इजरायली सेना ने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया. इन हमलों में दक्षिण-पश्चिमी प्रांत खुजेस्तान की एक पेट्रोकेमिकल कंपनी भी प्रभावित हुई थी. इससे पहले ईरानी सैन्य सूत्रों ने संकेत दिए थे कि देश लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर अमेरिका के हितों को भी नुकसान पहुंचा सकता है. फिलहाल ऑपरेशन रोकने के ऐलान से तनाव में कुछ कमी की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन दोनों देशों के बीच अविश्वास अब भी बरकरार है.
(इनपुट-एजेंसी के साथ)
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