ईरान ने पुल के बदले पुल उड़ाने की धमकी दी, जारी की हिट लिस्ट, सऊदी-बहरीन और यूएई में इन जगहों पर खतरा
ईरान ने कई खाड़ी देशों के पुलों की 'हिट लिस्ट' जारी की है. ईरानी मीडिया की तरफ से जिन ढांचों के नाम बताए गए हैं उनमें कुवैत और बहरीन में एक-एक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में दो और जॉर्डन में तीन शामिल हैं.
US-Israel-Iran War: अमेरिका के हवाई हमले में अहम हाईवे पुल के ध्वस्त होने के बाद ईरान में गुस्सा है. बुनियादी ढांचों को निशाना बनाए जाने से तनाव बढ़ गया है. अब ईरान ने खुली धमकी देते हुए पुल के बदले पुल उड़ाने की धमकी दी है. तेहरान को करज शहर से जोड़ने वाले बी1 पुल हमले के बाद अमेरिकी सेना के अधिकारियों का कहना है कि इसका इस्तेमाल ड्रोन और मिसाइलों को ले जाने के लिए किया जाता था. वहीं, ईरान ने कहा है कि अभी यह पुल ठीक से शुरू भी नहीं हुआ था.
ईरान ने खाड़ी के पुलों की 'हिट लिस्ट' जारी की
खाड़ी क्षेत्र का सबसे ऊंचा पुल कहे जाने वाले बी1 को ईरान की शान माना जाता था. इसे बनाने में 400 मिलियन डॉलर का खर्च आया था. अब ईरान ने सऊदी अरब, बहरीन, यूएई समेत कई खाड़ी देशों के पुलों की 'हिट लिस्ट' जारी की है. ईरान की अर्ध-सरकारी 'फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी' ने संकेत दिया कि पड़ोसी देशों के कई प्रमुख पुल संभावित निशाने हो सकते हैं.
ईरान के निशाने पर ये पुल
ईरानी मीडिया की तरफ से जिन ढांचों के नाम बताए गए हैं उनमें कुवैत और बहरीन में एक-एक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में दो और जॉर्डन में तीन शामिल हैं.
हिट लिस्ट में शामिल पुल
कुवैत में शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह सी ब्रिज
संयुक्त अरब अमीरात में शेख ज़ायेद ब्रिज और शेख खलीफा ब्रिज
सऊदी अरब को बहरीन से जोड़ने वाला किंग फहद कॉजवे
जॉर्डन में किंग हुसैन ब्रिज, दामिया ब्रिज और अब्दौन ब्रिज
बता दें कि लगभग 1,000 मीटर लंबा B1 ब्रिज, ईरान की आधुनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक महत्वपूर्ण माना जाता था. इसे तेहरान और करज के बीच भीड़भाड़ कम करने और देश के उत्तरी क्षेत्रों से कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए बनाया गया था.
यहां देखिए B1 ब्रिज पर हमले का वीडियो
डोनाल्ड ट्रंप ने भी दी चेतावनी
B1 ब्रिज पर हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इसका जिक्र किया. ट्रंप ने कहा कि ईरान का सबसे बड़ा पुल गिरा दिया गया है, अब इसका कभी इस्तेमाल नहीं होगा. अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को यह चेतावनी भी दी कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, एक समझौता कर लो. वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि यह कार्रवाई ईरान की सैन्य व्यवस्था को कमजोर करने की बड़ी योजना का हिस्सा है. इसका मकसद देश के भीतर मिसाइल और ड्रोन से जुड़े सामान की आवाजाही को रोकना था.
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