तेहरान: अमेरिकी प्रतिबन्ध के बाद पूरी तरह से यूरोपीय यूनियन की मदद पर निर्भर ईरान के विदेश मंत्री ने सोमवार को ईरान 2015 परमाणु समझौते के पक्ष में धीमी कार्रवाई करने को लेकर यूरोपीय देशों की आलोचना की. प्रेस टीवी के मुताबिक, मोहम्मद जावेद जरीफ ने कहा, “यूरोपीय देश परमाणु समझौते (जेसीपीओए) के तहत अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करने में बेहद धीमी गति से काम कर रहे हैं.”Also Read - Afghanistan Crisis: तालिबान से चीन की दोस्ती पर बोले जो बाइडन- खतरा ज्यादा है, तो समझौता करेंगे ही

Also Read - अफगानिस्तान में शांति लाने के लिए भारत, ईरान को शामिल करने में रुचि रखता है रूस: विदेश मंत्री लावरोव

इंडोनेशिया त्रासदी: ग्रामीणों की जुबानी सुनामी की भयावह तस्वीरों की कहानी Also Read - इस साल हो सकती है चाबहार बंदरगाह पर चार देशों की बैठक: विदेश मंत्रालय

सिन्हुआ के मुताबिक, जरीफ ने कहा, “हम उनका तब तक इंतजार नहीं करेंगे जब तक कि वे व्यावहारिक कदम नहीं उठाते.” उन्होंने कहा कि ईरान के पास जेसीपीओए से अमेरिका के अलग होने से निपटने के लिए कई विकल्प हैं और वह अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर उन पर विचार करेगा. अमेरिका ईरान परमाणु समझौते से मई में अलग हो गया था और तेहरान के खिलाफ कई प्रतिबंध लगा दिए थे. ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के अलग होने के खिलाफ और 2015 के इस समझौते के तहत ईरान के हितों की रक्षा के लिए यूरोप के सहयोग पर निर्भर है. (इनपुट एजेंसी)

अफगानिस्तान-अमेरिका के नए डेवलमेंट से भारत पर पड़ेगा ये असर, अरबों का निवेश अधर में