ईरान-अमेरिका समझौते पर अंतिम सहमति जल्द, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को मिल रही है IRGC की चेतावनी
होर्मुज को लेकर ईरान की चेतावनी और अमेरिका के साथ संभावित शांति समझौते ने वैश्विक समुद्री व्यापार पर नई चिंता खड़ी कर दी है.
- IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी जारी की है.
- ऑडियो संदेश में कहा गया कि अगली सूचना तक जलडमरूमध्य में आवाजाही से बचें.
- ट्रंप ने दावा किया है कि रविवार को ईरान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं.
- कतर का प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा है और समझौते को अंतिम मंजूरी दिलाने की कोशिश कर रहा है.
एक ओर IRGC जहाजों को होर्मुज से दूर रहने की चेतावनी दे रही है, वहीं दूसरी ओर ईरान-अमेरिका समझौते को अंतिम मंजूरी दिलाने की कोशिशें तेज हो गई हैं. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना ने होर्मुज के पास चल रहे जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने के खिलाफ चेतावनी दी है. इससे जुड़ा सार्वजनिक समुद्री रेडियो चैनल की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आया है. होर्मुज के पास मौजूद एक व्यावसायिक जहाज के चालक दल के सदस्य द्वारा शिन्हुआ को उपलब्ध कराई गई इस रिकॉर्डिंग में सुनाई देता है कि आईआरजीसी नौसेना ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में संचालित सभी जहाजों को संबोधित करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और जलडमरूमध्य के भीतर किसी भी जहाज की आवाजाही से सख्ती से निपटा जाएगा. रिकॉर्ड किए गए संदेश में कहा गया, "आपकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए अगली सूचना तक होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी प्रकार की आवाजाही से पूरी तरह बचें." अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ एक शांति समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर होने वाले हैं और इसके तुरंत बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया जाएगा. इंटरनेशनल मेरीटाइम आर्गेनाइजेशन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 11 जून तक होर्मुज और व्यापक मध्य-पूर्व क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी से जुड़ी 46 घटनाओं की पुष्टि हुई है, जिनमें 14 नाविकों की मौत हुई है.
ईरान-अमेरिका समझौते पर अंतिम सहमति की कोशिश तेज
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही कूटनीतिक कोशिशों को सकारात्मक रूप देने के इरादे से रविवार को कतर का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंच गया. ईरानी मीडिया के अनुसार, यह दौरा पिछले हफ्ते हुई वार्ताओं के बाद द्विपक्षीय बातचीत को आगे बढ़ाने और राजनयिक प्रक्रिया में आई प्रगति की समीक्षा करने के उद्देश्य से किया जा रहा है. ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए ने बताया कि मध्यस्थता दल का नेतृत्व कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी के एक वरिष्ठ सलाहकार कर रहे हैं. वहीं, तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य वार्ता प्रक्रिया से जुड़े नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा करना है.
इस बीच, मामले से परिचित एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि कतर का यह मिशन संघर्ष समाप्त करने के लिए प्रस्तावित समझौते की अंतिम स्वीकृति हासिल करने के प्रयास का हिस्सा है. सूत्र के अनुसार, दोहा चाहता है कि तेहरान इस समझौते को मंजूरी दे, जिससे महीनों से जारी संघर्ष और उससे पैदा हुई क्षेत्रीय अस्थिरता का अंत हो सके.
कूटनीतिक गतिविधियों में तेजी ऐसे समय में देखी जा रही है जब वाशिंगटन और इस्लामाबाद दोनों ने संकेत दिए हैं कि एक रूपरेखा समझौते पर जल्द, संभवतः रविवार को ही, हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. यदि ऐसा होता है, तो लगभग चार महीने से जारी सैन्य तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और क्षेत्रीय संकट को कम करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा. (इनपुट एजेंसी से)
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