'तुंरत ईरान छोड़ दें', ट्रंप ने जारी किया बड़ा आदेश, पूरी तरह वॉर मोड में अमेरिका!
US Iran Tension: ईरान में जारी आंतरिक अशांति और सुरक्षा बलों की घातक कार्रवाई के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब पूरी तरह वॉर मोड में नजर आ रहे हैं. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इमरजेंसी अलर्ट जारी कर अपने सभी नागरिकों को तत्काल ईरान छोड़ने को कहा है.
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US Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के प्रति बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए लगभग वॉर मोड में नजर आ रहे हैं. 12 जनवरी 2026 को अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है.
इस आदेश में सभी अमेरिकी नागरिकों को बिना देरी किए तुरंत ईरान छोड़ने का निर्देश दिया गया है. ईरान में पिछले दो सप्ताह से सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है.
हिंसा की आग में झुलसता ईरान
मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा बलों की बर्बर कार्रवाई में अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों प्रदर्शनकारियों को जेलों में डाल दिया गया है. ट्रंप प्रशासन ने इन प्रदर्शनों का खुला समर्थन करते हुए ईरानी शासन को चेतावनी दी है कि वह अपने ही लोगों पर जुल्म बंद करे.
दोहरी नागरिकता वालों पर खतरा
अमेरिकी सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ईरान में मौजूद अमेरिकी नागरिक, विशेषकर दोहरी नागरिकता रखने वाले लोग, वहां के सुरक्षा तंत्र के सीधे निशाने पर हैं. ईरान सरकार दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देती है, जिसका अर्थ है कि वहां पकड़े जाने पर अमेरिकी-ईरानी नागरिकों को अमेरिकी दूतावास से कोई मदद नहीं मिल पाएगी.
उत्पीड़न का डर
अमेरिकी पासपोर्ट या अमेरिका से किसी भी तरह के संबंध को ईरान में जासूसी या देशद्रोह के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे मनमानी गिरफ्तारी और प्रताड़ना का खतरा बढ़ गया है.
इंटरनेट बंद, उड़ानों पर पाबंदी
ईरान ने दुनिया से संपर्क काटने के लिए पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया है. मोबाइल नेटवर्क और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पूरी तरह बंद हैं, जिससे वहां फंसे लोग अपनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं. यातायात की स्थिति यह है कि तेहरान का इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब एक अलग-थलग टापू जैसा बन गया है.
लुफ्थांसा, एमिरेट्स और कतर एयरवेज जैसी बड़ी एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें 16 जनवरी तक रद्द कर दी हैं. ऐसे में अमेरिका ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि यदि हवाई मार्ग उपलब्ध नहीं है, तो वे तुर्किये या आर्मेनिया के रास्ते सड़क मार्ग से देश छोड़ने का प्रयास करें.
सैन्य हस्तक्षेप की चेतावनी
व्हाइट हाउस के गलियारों से मिल रहे संकेतों ने युद्ध की आशंका को बल दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरानी शासन ने रेड लाइन पार की यानी अमेरिकी नागरिकों को नुकसान पहुंचाया या दमनकारी नीतियां जारी रखीं तो अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप से पीछे नहीं हटेगा.
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी कड़े तेवर दिखाए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि यह केवल कूटनीतिक दबाव नहीं, बल्कि युद्ध की पूर्व तैयारी भी हो सकती है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए, जो अमेरिकी नागरिक अभी भी ईरान में हैं, उन्हें सावधानियां बरतने को कहा गया है. इसमें कहा गया कि भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रदर्शनों से पूरी तरह दूर रहें.
भोजन, दवाएं और पानी का रखें स्टॉक
घर में पर्याप्त मात्रा में भोजन, दवाएं और पानी का स्टॉक रखें. जितनी जल्दी हो सके जमीनी रास्ते से पड़ोसी देशों की ओर प्रस्थान करें. ईरान की आंतरिक अशांति अब एक बड़े वैश्विक संकट में तब्दील हो रही है. अगर ट्रंप प्रशासन और ईरान के बीच तनाव कम नहीं हुआ, तो 2026 की शुरुआत एक नए सैन्य संघर्ष के साथ हो सकती है.
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