बगदाद/वाशिंगटन: इराक में 8 जनवरी को दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए ईरानी मिसाइल हमले में 11 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए थे, हालांकि पेंटागन ने पहले कहा था कि कोई भी सैनिक घायल नहीं हुआ. यह जानकारी शुक्रवार को दी गई. समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अमेरिकी केंद्रीय कमान के प्रवक्ता कैप्टन बिल अर्बन के हवाले से बताया, “अल असद हवाईअड्डे पर 8 जनवरी को हुए ईरानी हमले में भले ही कोई अमेरिकी सैनिक नहीं मारा गया था, लेकिन कई लोगों के मस्तिष्काघात के लक्षणों का इलाज किया गया और अभी भी उनकी निगरानी की जा रही है.” Also Read - ईरान के नातान्ज परमाणु इकाई में क्‍या हुआ? इसे ईरानी न्‍यूक्‍लीयर चीफ ने ‘परमाणु आतंकवाद’ करार दिया

ईरान ने 8 जनवरी को ऐन अल असद और इरबिल में अमेरिकी सेना और गठबंधन सैनिकों की तैनाती वाले दो इराकी सैन्य ठिकानों पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें दागी थी. 3 जनवरी को बगदाद हवाईअड्डे के पास अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी मेजर कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद ईरान का यह जवाबी कार्रवाई था. Also Read - अटलांटा के मसाज पार्लरों में फायरिंग, 4 महिलाओं समेत कुल 8 लोगों की मौत

हमले के बाद पेंटागन ने कहा था कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. अर्बन ने कहा कि ऐहतियात के तौर पर हमले के बाद कुछ सैनिकों की मस्तिष्क की जांच की गई और परिणामस्वरूप लक्षण पाए गए. सिन्हुआ ने सीएनएन की रिपोर्ट के हवाले से कहा कि आठ सैनिकों को जर्मनी भेजा गया और तीनों को आगे की जांच के लिए कुवैत भेज दिया गया. वर्तमान में, आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ लड़ाई में देश की सेनाओं का सहयोग करने के लिए 5,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक इराक में तैनात हैं. Also Read - ट्रंप के जाते ही बाइडेन ने बदला अमेरिका का नजरिया- परमाणु समझौते पर ईरान के साथ होगी बातचीत