Iran War: डोनाल्ड ट्रंप को दोस्तों ने ही दिया झटका? युद्धपोत भेजने की मांग पर जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया ने क्या कहा

विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी देश इस युद्ध में अमेरिका के साथ सीधे उतरना नहीं चाहता है. अमेरिका का एकमात्र सहयोगी इजरायल ही इस युद्ध में उसके साथ खुलकर है.

Published date india.com Updated: March 16, 2026 2:11 PM IST
( PTI File Photo)
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US-Israel vs Iran War: ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अकेले पड़ते जा रहे हैं. ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य के व्यस्त समुद्री रास्ते को ईरान के प्रभाव से मुक्त करने के लिए अपने करीबी सहयोगियों पर दबाव बनाने की कोशिश की थी. ट्रंप ने होर्मुज की सुरक्षा के नाम पर जापान, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया जैसे करीबी सहयोगियों के अलावा चीन से भी युद्धपोत भेजने की मांग की थी. लेकिन, प्रेसिडेंट ट्रंप अपनी कोशिशों में कामयाब होते नहीं दिख रहे.

किसने क्या जवाब दिया?

डोनाल्ड ट्रंप की अपील को ठुकराते हुए जापान ने साफ कर दिया है कि वह होर्मुज की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह के मिशन में भाग नहीं लेगा. अमेरिका के सबसे वफादार सहयोगियों में से एक गिने जाने वाले ऑस्ट्रेलिया ने भी ट्रंप को झटका दिया है. की सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अपनी नेवी को इस काम में शामिल नहीं करने जा रहा है. वहीं यूएस के एक अन्य सहयोगी दक्षिण कोरिया ने कूटनीतिक भाषा का इस्तेमाल करते हुए ट्रंप को झटका दिया है. दक्षिण कोरिया ने कहा है कि वह प्रस्ताव की समीक्षा करेगा.

क्यों ट्रंप के प्रस्ताव से किनारा कर रहे हैं देश

विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी देश इस युद्ध में अमेरिका के साथ सीधे उतरना नहीं चाहता है. अमेरिका का एकमात्र सहयोगी इजरायल ही इस युद्ध में उसके साथ खुलकर है. ऑस्ट्रेलिया, जापान और उत्तर कोरिया जैसे देशों को लगता है कि युद्धपोत या सैनिक भेजने के बाद किसी भी तरह के नुकसान की स्थिति में उनकी सरकार अपने देश में ही घिर सकती है.

जंग रुकने के आसार नहीं, क्या बोला ईरान?

एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति कह रहे हैं कि ईरान के खिलाफ जंग में उनकी स्थिति मजबूत है और यह युद्ध अपने अंतिम चरण में है. वहीं ईरान ने कहा है कि उसने सीज फायर की मांग नहीं की है. ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका के खिलाफ कड़े तेवर जारी रखे हैं. ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने देश में हुए नुकसान के लिए दुश्मन देश से मुआवजे की मांग की है. मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि हम दुश्मन से मुआवजा लेंगे. यदि वह इनकार करता है तो हम उसकी उतनी संपत्ति ले लेंगे जितनी हम तय करेंगे और अगर यह भी संभव नहीं हुआ तो हम उसकी उतनी ही संपत्ति तबाह कर देंगे. मोजतबा ने संघर्ष में मारे गए लोगों का बदला लेने की कसम भी खाई है.

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