ईरान ने सऊदी अरब में कैसे फोड़ी 'आसमान की आंख'? अमेरिका को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान
E-3 Sentry Radar Aircraft: E-3 सेंट्री विमान नष्ट होने से अमेरिका को 300 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है और साथ ही ईरान के ड्रोन और मिसाइलों की निगरानी क्षमता भी कम हुई है.
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E-3 Sentry Radar Aircraft: ईरान युद्ध में अमेरिका को फिर एक बड़ा नुकसान पहुंचा है. पिछले हफ्ते 27 मार्च को सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर खड़ा अमेरिकी वायुसेना का एक E-3 सेंट्री विमान तब नष्ट हो गया, जब ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन से इस बेस को निशाना बनाया. दावा है कि E-3 सेंट्री विमान नष्ट होने से अमेरिका को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
3000 मिलियन डॉलर की चपत
द हिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक E-3 सेंट्री विमान 'अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल' (चेतावनी और नियंत्रण) विमान था. इसे बोइंग ने बनाया था और इसकी कीमत करीब 3000 मिलियन डॉलर यानी करीब 2700 करोड़ रुपये बताई जाती है.
अमेरिका के पास कितने हैं E-3 विमान
अमेरिकी बेड़े में अब केवल 16 E-3 विमान ही बचे हैं, लेकिन उनमें से सभी उड़ान भरने के लिए तैयार नहीं हैं. इन पुराने हो चुके विमानों का इस्तेमाल आने वाली मिसाइलों का पता लगाने और हवाई हमलों में तालमेल बिठाने के लिए किया जाता है. इसलिए इसे आसमान की आंख भी कहते हैं. मिडिल ईस्ट में ऐसे 6 अमेरिकी विमान तैनात हैं.
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E-3 विमान के नष्ट होने से क्या नुकसान
E-3 विमान के बिना, अमेरिकी सेनाओं के लिए ईरान से आने वाले खतरों जैसे ड्रोन, मिसाइलों का पता लगाना ज्यादा मुश्किल हो सकता है. वायु सेना के रिटायर्ड कर्नल सेड्रिक लेइटन ने सीएनएन को बताया कि विमान 'एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम' (AWACS) का हिस्सा है. इसके नष्ट होने से अमेरिका की निगरानी क्षमताओं के लिए एक गंभीर झटका है.
20 से 22 विमान खो चुका है अमेरिका
अमेरिका ने ईरान के युद्ध में अब तक 20 से 22 विमान खो दिए हैं. यह पहली बार है जब युद्ध के दौरान E-3 सेंट्री विमान जैसा कोई विमान नष्ट हुआ है. हमले के बाद नष्ट विमान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गईं. इस तस्वीर में विमान में नजर आ रहा है कि विमान की पूंछ टूटकर अलग हो गई है और उसका खास रडार डोम जमीन पर पड़ा है.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, नष्ट हुए विमानों में 10 रीपर ड्रोन, तीन F-15 और एक KC-135 टैंकर शामिल हैं. सऊदी अरब के एक हवाई अड्डे पर हुए ईरानी मिसाइल हमले में पांच अन्य KC-135 विमानों को भी नुकसान पहुंचा है.
ईरान ने इस हमले पर क्या कहा
ईरान ने बाद में पुष्टि की Shahed-136 ड्रोन का इस्तेमाल करके उन्होंने E-3 सेंट्री विमान को मार गिराया है. ईरान के सोशल मीडिया हैंडल में लिखा गया, हमारे 18 लाख रुपये के ड्रोन ने उनका हजारों करोड़ का विमान मार गिराया है.
भारत भी बना रहा कामिकेज ड्रोन
शाहेद ड्रोन की कामयाबी को देखते हुए, रूस, अमेरिका और चीन के बाद भारत में इस तरह के ड्रोन बना रहा है. यूरेशिया टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक दो भारतीय रक्षा कंपनियों ने ऐसे ड्रोन सिस्टम बनाए हैं जो ईरान के 'शाहिद-123' कामिकेज ड्रोन जैसे क्षमता वाले हैं. भारत में 'प्रोजेक्ट KAL' और 'शेषनाग-150' को डीप-पेनेट्रेशन अटैक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए विकसित किया जा रहा है.
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