हथियार ईरान का, तकनीक दोस्त की, साइप्रस में गिरे ड्रोन को देख उड़े अमेरिका-इजरायल और ब्रिटेन के होश

Israel Iran War: दावा है कि ईरान कामिकेज ड्रोन में रूस का बना कोमेटा-B नेविगेशन सिस्टम था. ड्रोन को हिज्बुल्लाह मिलिटेंट्स ने लेबनान से दागा था.

Published date india.com Updated: March 9, 2026 2:53 PM IST
हथियार ईरान का, तकनीक दोस्त की, साइप्रस में गिरे ड्रोन को देख उड़े अमेरिका-इजरायल और ब्रिटेन के होश
(photo credit reuters, for representation only)

Israel Iran War: साइप्रस में ब्रिटिश RAF बेस पर हमला करने वाले ईरानी ड्रोन को देखने के बाद पश्चिमी देशों के होश उड़ गए हैं. दावा है कि ईरान के इस ड्रोन में रूस की सैन्य तकनीक मिली है. इससे यह डर बढ़ गया है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मिडिल ईस्ट युद्ध में सीधे दखल दे रहे हैं.

ड्रोन के किस पार्ट में मिला रूसी टेक

द सन की एक रिपोर्ट के मुताबिक जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि पिछले हफ्ते RAF अक्रोटिरी पर हमला करने वाले कामिकेज़ ड्रोन में रूस का बना कोमेटा-B नेविगेशन सिस्टम था. यूक्रेन में युद्ध के दौरान कीव के एयर डिफेंस की ओर से मार गिराए गए ड्रोन में पहले भी ऐसा हार्डवेयर देखा गया है.

पहला सबूत

द टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चौंकाने वाली खोज बढ़ते ईरान संघर्ष में क्रेमलिन के इक्विपमेंट के इस्तेमाल का पहला ठोस सबूत है. ब्रिटिश मिलिट्री इंटेलिजेंस ने अब बरामद पार्ट्स को लैब एनालिसिस के लिए UK भेज दिया है.

ईरान में कितने साल जीवित रहते हैं लोग, जवाब सुनकर यकीन ही

किसने किया था फायर

माना जा रहा है कि ड्रोन को ईरान के सपोर्ट वाले हिज्बुल्लाह मिलिटेंट्स ने लेबनान से दागा था.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Iran Drone Attack

(photo credit reuters, for representation only)

रूस क्या कह रहा है

ब्रिटेन में रूस के एम्बेसडर आंद्रे केलिन ने साफ तौर पर माना, हम न्यूट्रल नहीं हैं. उन्होंने कहा कि मॉस्को का रुख “ईरान का सपोर्टर” है. केलिन ने पश्चिमी देशों पर भी निशाना साधा और ज़ोर देकर कहा कि कोई यह नहीं कह रहा है कि US और इजराइल ने ईरान के खिलाफ हमला शुरू किया है. और ईरान सिर्फ इस हमले का जवाब दे रहा है. यह बिल्कुल गलत है.

सूत्रों का कहना है कि रूस मिडिल ईस्ट में चल रहे अमेरिकी वॉरशिप और एयरक्राफ्ट की लोकेशन के बारे में जानकारी दे रहा है. इसे ईरान को टारगेट ढूंढने में मदद करने के लिए “काफी बड़ी कोशिश” बताया गया है. पश्चिमी अधिकारियों को इस बात की चिंता बढ़ रही है कि मॉस्को पूरे इलाके में अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों की मिलिट्री पोजीशन के बारे में तेहरान को सेंसिटिव इंटेलिजेंस दे रहा है.

जेलेंस्की ने दी थी चेतावनी

यूक्रेन के प्रेसिडेंट वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस हफ्ते चेतावनी दी कि मिडिल ईस्ट में इस्तेमाल होने वाले ईरानी ड्रोन अब रूसी पार्ट्स से भरे हुए हैं. उन्होंने कहा ईरानी शाहेड में रूस में बने पार्ट्स हैं. यह बात हम पक्के तौर पर जानते हैं.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.