चीन से मिसाइल रसायन ले जा रहा था ईरानी जहाज? निक्की हेली के दावों ने दुनिया को क्यों चौंकाया?

Written By: Vineet Sharan Updated by: Vineet Sharan
Updated Date:April 21, 2026 1:55 PM IST

Strait of Hormuz: अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जहाज को ईरानी जलक्षेत्र के पास होर्मुज के करीब रोका गया था. इससे पहले यह मलेशिया के पोर्ट क्लैंग में रुका था. ऐसे जलमार्ग अक्सर माल की उत्पत्ति को छिपाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं.

Advertising
Advertising

Strait of Hormuz: ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने ईरान के एक जहाज को जब्त किया है. नई अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस टैंक का संबंध चीनी बंदरगाहों और संदिग्ध आपूर्ति मार्गों से है. द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक एमवी टौस्का नामक ईरानी झंडे वाला कंटेनर जहाज, उन जहाजों के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है जो अक्सर चीन जाते हैं. इस जहाज पर संभावित सैन्य उपयोग वाली सामग्रियों को ढोने का आरोप रहा है. कहा जाता है कि इस जहाज के जरिए चीन ईरान को सैन्य हथियार से जुड़ी चीजें मुहैया करा रहा है. शिपिंग डेटा के अनुसार जब्त किए जाने से पहले के हफ्तों में यह जहाज दो बार दक्षिणी चीन के झुहाई बंदरगाह पर गया था.

भारत-नेपाल सीमा पर चौंकाने वाला नया नियम, 100 रुपये से ऊपर का सामान लाए तो लगेगा टैक्स, रो रहे व्यापारी

गोलियों से किया इंजन निष्क्रिय

रिपोर्ट के अनुसार, इस जहाज को अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश के बाद रोका गया. बाद में चेतावनी के तौर पर चलाई गई गोलियों से इसका इंजन निष्क्रिय किया गया. फिर अमेरिकी बलों ने उस पर चढ़ाई की.

किसका है ये जहाज

टौस्का एक प्रतिबंधित ईरानी कंपनी की ओर से नियंत्रित है, जिस पर तेहरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए सामान ढोने का आरोप है. अमेरिकी अधिकारियों ने यह खुलासा नहीं किया है कि जहाज में क्या सामान था.  हालांकि, अमेरिकी रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने कहा कि चीन से आ रहा जहाज ईरान की मिसाइलों के लिए रासायनिक खेप ले जा रहा था.

पूर्व अमेरिकी नौसेना अधिकारी चार्ली ब्राउन ने कहा, नाकेबंदी तोड़ने का जोखिम उठाना उनके लिए फायदेमंद लग रहा होगा लेकिन उन्होंने गलत निर्णय लिया.

ड्यूल-यूज की शक

फॉक्स न्यूज डिजिटल की अलग रिपोर्ट में कहा गया कि यह जहाज ईरान की ओर बढ़ने से पहले दक्षिण-पूर्व एशिया और चीनी बंदरगाहों से होकर गुजरा था. समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि कार्गो “ड्यूल-यूज” हो सकता है, यानी इसका उपयोग नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है.

चीन का कहना है कि वह ईरान को हथियार नहीं देता और ड्यूल-यूज़ वस्तुओं के निर्यात पर नियंत्रण रखता है, लेकिन वह ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों को मान्यता नहीं देता. साथ ही बीजिंग ने ईरानी जहाज की इस जब्ती पर चिंता जताई है और संयम बरतने की अपील की है.

IMD का बड़ा अलर्ट, अगले 5 दिनों तक UP सहित देश के इन 30 जगहों पर बरसेगा हीटवेव का कहर

Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें