टिंडर से बम्बल तक, डेटिंग ऐप पर ईरानी बना रहे अमेरिकियों को निशाना, क्या है मकसद?

Dating Apps: ईरान के लोग डेटिंग ऐप के जरिए अमेरिकी लोगों को जाल में फंसाते हैं. ताकि उनसे निवेश के नाम पर पैसा हड़पा जा सके.

Published date india.com Published: April 15, 2026 1:07 PM IST
टिंडर से बम्बल तक, डेटिंग ऐप पर ईरानी बना रहे अमेरिकियों को निशाना, क्या है मकसद?
(photo credit AI, for representation only)

Dating Apps: ईरान का एक गुप्त नेटवर्क डेटिंग ऐप पर अमेरिकी लोगों को निशाना बना रहा है. टिंडर और बम्बल जैसे डेटिंग प्लेटफॉर्म पर ईरान के ये लोग मौजूद हैं और चैट के जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. एक अमेरिकी रिपोर्ट में ये चेतावनी दी गई है.

डेली एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सरकार से जुड़ा कथित क्रिप्टो स्कैम नेटवर्क डेटिंग ऐप पर इस मिशन को अंजाम दे रहा है.

क्या है modus operandi

ईरान के इन शातिर लोगों का काम करने का तरीका (modus operandi) बेहद सामान्य नजर आता है. वे पहले दोस्ताना चैटिंग करते हैं. फिर जल्दी से जान-पहचान बनाने का प्रयास करते हैं. पीड़ितों को लगता है कि वे एक रोमांटिक रिश्ते में आ चुके हैं.

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फिर होता है खेल

इन गुप्त ईरानियों और अमेरिकी पीड़ित के बीच कुछ समय बाद यह रिश्ता थोड़ा गहरा हो जाता है. तब शातिर ठग निवेश की सलाह देते हैं. पीड़ित को एक नकली क्रिप्टो निवेश प्लेटफॉर्म की ओर ले जाया जा रहा होता है. उन्हें लगता है कि ये निवेश है लेकिन ये पैसा ईरान के खजाने में चला जाता है.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

तेल अवीव में रहने वाले ब्लॉकचेन फोरेंसिक विशेषज्ञ और लायंसगेट नेटवर्क के संस्थापक बेजलेल एथन रविव ने कहा है कि ईरान, उत्तर कोरिया और रूस एक तरह से काम करते हैं. ये तीनों देश अपने भू-राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के लिए नागरिकों को निशाना बनाते हैं.

90 मिलियन डॉलर जब्त

कंपनी ने 7 अक्टूबर के हमलों के बाद हमास से 90 मिलियन डॉलर यानी करीब 850 करोड़ से ज्यादा के क्रिप्टो फंड को ट्रैक करने और जब्त करने में इज़राइली अधिकारियों की मदद की है.

पिग बुचरिंग स्कैम

साइबर अपराध से जुड़े मामलों में इस तरीके को ‘पिग बुचरिंग स्कैम‘ (Pig Butchering Scam) कहते हैं. धोखेबाज दिन, हफ्तों, कभी-कभी महीनों तक, पीड़ितों का भरोसा जीतकर उन्हें “फुसलाते” हैं. अंत में उन्हें नकली क्रिप्टो स्कीम में निवेश करने के लिए कहा जाता है और पेमेंट क्रिप्टोकरेंसी में मांगी जाती है. पैसा का ट्रेस छिपाने के लिए इसे ब्लॉकचेन में घुमाया जाता है.

FBI के डेटा के अनुसार, इन धोखाधड़ियों में क्रिप्टोकरेंसी का हिस्सा लगभग तीन-चौथाई है. कार्ड, कैश सब पीछे छूट गए हैं. वहीं फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी प्राइवेट चैट से इस तरह की धोखाधड़ी की जाती है. विशेषज्ञों के मुताबिक, बड़ी चिंता सिर्फ पैसों का नुकसान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा है.

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