तेहरान/ वॉशिंगटन: ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कुद्स फोर्स के कमांडर के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी हमले में शुक्रवार को की गई हत्या का प्रचंड प्रतिशोध लेने का संकल्प लिया है.

बगदाद में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर अमेरिका के हवाई हमले में जनरल सुलेमानी की मौत हो गई थी. इस हमले में इराक के शक्तिशाली हाशेद अल शाबी अर्द्धसैन्य बल के उप प्रमुख की भी मौत हो गई. इराक में ईरान समर्थकों द्वारा अमेरिकी दूतावास का घेराव किए जाने के बाद ट्रंप ने तेहरान को कार्रवाई की धमकी दी थी, जिसके कुछ दिनों बाद यह हमला किया गया.

बता दें कि बगदाद हवाईअड्डे पर एक रॉकेट हमले में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई. इराकी सुरक्षा सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. इराकी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया, बगदाद में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर तीन रॉकेट दागे गए. बयान में बताया गया कि दो कारों में विस्फोट हुआ.

ईरान और क्षेत्र के अन्य आजाद देश अमेरिका से बदला लेंगे
राष्ट्रपति हसन रूहानी ने शुक्रवार को कहा कि ईरान और क्षेत्र के आजाद देश रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का अमेरिका से बदला लेंगे. रूहानी ने ईरान सरकार की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, ”इस बात में कोई शक नहीं है कि महान राष्ट्र ईरान और क्षेत्र के अन्य आजाद देश अपराधी अमेरिका के इस जघन्य अपराध का बदला लेंगे.

खामेनेई ने लिया सुलेमानी की हत्या का बदला लेने का संकल्प
रान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कुद्स फोर्स के कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी हमले में शुक्रवार को की गई हत्या का प्रचंड प्रतिशोध लेने का संकल्प लिया.

भयंकर बदला लिया जाएगा
खामेनेई ने ट्वीट किया, ”इन सभी वर्षों में उनके निरंतर प्रयासों का पुरस्कार शहादत थी. अल्लाह की मर्जी से उनके जाने के बाद भी उनका काम और उनकी राह नहीं रुकेगी. उन गुनाहगारों से भयंकर बदला लिया जाएगा, जिन्होंने अपने हाथ उनके और अन्य शहीदों के खून से कल रात रंगे.”

ट्रंप ने हमले का आदेश दिया था
इससे पहले अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेश में अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा और ईरान को भविष्य में हमलों की योजना बनाने से रोकने के लिए निर्णायक रक्षात्मक कार्रवाई करते हुए अमेरिकी हमले का आदेश दिया था, जिसमें ईरान के शक्तिशाली रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हो गई.

जनरल सुलेमानी अमेरिकी राजनयिकों और सैन्य कर्मियों पर हमले की
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”जनरल सुलेमानी इराक में अमेरिकी राजनयिकों और सैन्य कर्मियों पर हमले की सक्रिय रूप से योजना बना रहा था. जनरल सुलेमानी और उसका कुद्स फोर्स सैकड़ों अमेरिकियों और अन्य गठबंधन सहयोगियों के सदस्यों की मौत और हजारों को जख्मी करने के लिए जिम्मेदार हैं.”

सुलेमानी ने बगदाद में दूतावास पर हुए हमलों की भी अनुमति दी था: यूएस
मंत्रालय ने कहा, जनरल सुलेमानी ने बीते दिनों बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमलों की भी अनुमति दी. अमेरिका दुनिया भर में अपने लोगों और हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाना जारी रखेगा. सुलेमानी की मौत के बाद ट्रंप ने बिना किसी विस्तृत जानकारी के अमेरिकी झंडा ट्वीट किया.

कई सांसदों ने इस फैसले के लिए ट्रंप का समर्थन किया
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत एवं भारतीय अमेरिकी निकी हेली समेत कई सांसदों ने इस फैसले के लिए ट्रंप का समर्थन किया. इस बीच, अमेरिका के विदेश मामलों की प्रतिनिधि सभा की समिति के अध्यक्ष एलियट एगनल ने एक बयान में कहा कि अमेरिकी सांसदों को इस आदेश के बारे में पहले जानकारी नहीं दी गई थी.