वाशिंगटन: अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘‘विदेश में अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट रक्षात्मक कार्रवाई’’ करते हुए ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर कासिम सुलेमानी को मारने का आदेश दिया था. रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘जनरल सुलेमानी सक्रिय रूप से इराक में अमेरिकी राजनयिकों और सैन्य कर्मियों पर हमले की सक्रिय रूप से योजना बना रहा था. जनरल सुलेमानी और उसकी फोर्स सैकड़ों अमेरिकियों और अन्य गठबंधन सहयोगियों के सदस्यों की मौत और हजारों को जख्मी करने के लिए जिम्मेदार हैं.’’


सुलेमानी की मौत के बाद ट्रंप ने बिना किसी विस्तृत जानकारी के अमेरिकी झंडे की तस्वीर को ट्वीट किया. ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड ने सरकारी टेलीविजन पर एक बयान में यूनिट के कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत की पुष्टि की है. बयान में कहा गया है कि बगदाद में अमेरिकी बलों के हमले में उनकी मौत हो गई.

विशेषज्ञों के अनुसार, इराक में अमेरिकी ड्रोन हमले में कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद संयुक्त राज्य और ईरान के बीच तनाव और भी बढ़ सकता है. इस घटना से दोनों पक्षों के बीच संघर्ष शुरू हो सकता है. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की वजह से वाशिंगटन ने पिछले साल ईरानी तेल निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था. इससे भारत, चीन और जापान जैसे प्रमुख तेल आयातक देशों को कम दाम की बजाय अधिक पैस खर्च कर अन्य देशों से तेल की कमी को पूरी करनी पड़ी थी.

बता दें कि अमेरिका और ईरान दोनों के साथ भारत के अच्छे संबंध हैं. इस बीच अगर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता है तो इसका सीधा असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा खासकर भारत पर. भारत ईरान से बड़ पैमाने पर तेल का निर्यात करता है. यही नहीं ईरान रक्षात्मक दृष्टि से भी भारत के लिए अहम है. तनाव को लेकर हो सकता है अमेरिका ईरान पर प्रतिबंध लगा दे. जो तेल इरान से खरीदने पर भारत को सस्ता पड़ता है वही तेल प्रतिबंध लगाने के बाद अगर भारत किसी और देश से खरीदता है तो यह सौदा बेहद महंगा साबित होगा.