Iraq Girls Marriage Law: इराक (Iraq) की संसद ने एक विवादास्पद कानून पारित किया है, जो नौ साल की उम्र की लड़कियों के विवाह को वैध बनाने की अनुमति देगा. दुनिया भर में इस कानून का विरोध हो रहा है क्योंकि इससे बाल विवाह वैध हो जाएगा और यह महिलाओं के अधिकारों पर बड़ा हमला है. वहीं ज्यादा उम्र के पुरुष बच्चियों से शादी कर सकेंगे.
3 विवादास्पद कानून पास
इराक की संसद में कुल तीन विवादास्पद कानून पारित किए गए हैं, जो इस्लामी अदालतों को विवाह, तलाक और विरासत सहित पारिवारिक मामलों पर अधिक अधिकार प्रदान करते हैं.
मौलवियों को अधिकार
वर्तमान इराकी कानून आम तौर पर न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष निर्धारित करता है. पर नया कानून मौलवियों को इस्लामी कानून की अपनी व्याख्या के आधार पर निर्णय लेने की अनुमति देंगे.
शिया और सुन्नी के लिए अलग उम्र
गॉर्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, इस कानून में बहुसंख्यक शिया मुसलमानों के लिए लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 9 साल है, जबकि सुन्नी मुस्लिम के लिए यह 15 साल है.
संसद में हुआ काफी विरोध
एक अनाम संसदीय अधिकारी ने खुलासा किया: “सत्र में मौजूद आधे सांसदों ने मतदान नहीं किया, जिससे कानूनी कोरम टूट गया,” उन्होंने यह भी बताया कि कैसे कुछ सदस्यों ने मुखर रूप से विरोध किया जबकि अन्य संसदीय मंच पर चले गए. द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक मानवाधिकार कार्यकर्ता और इराकी महिला लीग की सदस्य इंतिसार अल-मायाली ने इराक में नागरिक स्थिति कानून में संशोधनों के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की है, उन्होंने कहा: “कम उम्र में लड़कियों की शादी के माध्यम से महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा, जो बच्चों के रूप में उनके जीवन के अधिकार का उल्लंघन करता है, और महिलाओं के लिए तलाक और विरासत के लिए सुरक्षा तंत्र को बाधित करेगा.
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