कोलंबो: इस्लामिक स्टेट ISIS ने श्रीलंका में ईस्टर के दिन हुए भयानक आत्मघाती हमलों की मंगलवार को जिम्मेदारी ली. इन हमलों में 321 लोगों की मौत हो गई और 500 से अधिक लोग घायल हो गए थे. इस अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन ने अपनी प्रचार संवाद समिति ‘अमाक’ के मार्फत एक बयान में कहा, ”परसों श्रीलंका में अमेरिका की अगुवाई वाले गठबंधन के सदस्यों और ईसाइयों को निशाना बना कर जिन लोगों ने हमला किया, वे इस्लामिक स्टेट समूह के लड़ाके हैं.”

श्रीलंका का सबसे भयावह हमला
रविवार को सात आत्मघाती बम हमलावरों ने तीन गिरजाघरों और तीन होटलों में कई धमाके किए थे, जिनमें 321 लोगों की जान चली गई थी. देश में यह सबसे भयावह आतंकवादी हमला था.

ड्राइवर समेत 40 संदिग्ध गिरफ्तार
इन हमलों के सिलसिले में एक ड्राइवर समेत 40 संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं. इसी ड्राइवर की गाड़ी का आत्मघाती बम हमलावरों ने इस्तेमाल किया था.

सरकार ने नेशनल तौहीद जमात पर शक जताया
सरकार के प्रवक्ता रजीत सेनारत्ने ने बताया कि संदेह है कि इन धमाकों की साजिश स्थानीय इस्लामिक चरमपंथी संगठन नेशनल तौहीद जमात ने रची थी. स्वास्थ्य मंत्री सेनारत्ने ने कहा, धमाके करने वाले सभी आत्मघाती हमलावी श्रीलंकाई नागरिक बताये जाते हैं.

हमलों में मारे गए लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार
श्रीलंका में रविवार को ईस्टर के दिन सिलसिलेवार बम हमलों में मारे गए लोगों का मंगलवार को सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया. इससे पहले कुछ देर के लिए मौन रखा गया. झंडे आधे झुके रहे. इन हमलों में 321 लोग मारे गए हैं. स्थानीय मीडिया ने खबर दी कि सामूहिक अंतिम संस्कार कोलंबो के उत्तर में नेगोम्बो स्थित सेंट सेबास्टियन चर्च में किया गया. यह आत्मघाती हमलों के घटनास्थलों में से एक है. इसने कहा कि अंतिम संस्कार नष्ट हुए चर्च में किया गया, जहां आत्मघाती हमलावर के हमले में 100 लोग मारे गए थे. हमलों में 500 लोग घायल हुए हैं. देश में आपात स्थिति के बीच अंतिम संस्कार किया गया.