काहिरा/ वाशिंगटन: आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के सरगना अबू बकर अल बगदादी की कथित नई ऑडियो रिकॉर्डिंग में उसने अपने समर्थकों से इराक और सीरिया में उठाए गए नुकसान के बावजूद “सब्र करते हुए डटे रहने” को कहा है.

संगठन के प्रमुख गढ़ माने जाने वाले सीरियाई शहर रक्का में पिछले साल मई में रूसी हवाई हमले में बगदादी के मारे जाने की खबरों के बाद आईएसआईएस की आधिकारिक मीडिया शाखा अल-फुरकान ने कल 55 मिनट की यह रिकॉर्डिंग जारी की.

इराक के शहर मोसुल में महान अल-नूरी मस्जिद से खुद को “खलीफा” घोषित करने के बाद इब्राहिम अव्वाद इब्राहिम अल-बदरी (बगदादी) को आखिरी बार सार्वजनिक तौर पर जुलाई 2014 में देखा गया था. उसका अंतिम ऑडियो संदेश सितंबर 2017 में जारी किया गया था.

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अपने नए संदेश में रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाले शख्स ने माना कि आईएसआईएस समूह पिछड़ रहा है और यह अल्लाह की एक परीक्षा है जिसके लिए सभी को साथ रहने की जरूरत है. बाद में शख्स को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उसके समर्थकों की “भय और तृष्णा” की कसौटी पर परीक्षा ली जा रही है. उसने कहा कि ‘‘खुशखबरी” उन लोगों को मिलेगी जो “सब्र से डटे रहेंगे.”

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खबर दिखाने वाले सीएनएन का कहना है कि वह स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं कर सकता कि रिकॉर्डिंग में सुनी जाने वाली आवाज बगदादी की है. बीबीसी ने भी खबर दिखाई कि ऑडियो की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं की जा सकती लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह आवाज पुराने संदेशों में सुनी गई आवाज से मिलती है. इसके अलावा शख्स को आईएसआईएस को हुए नुकसान के बारे में भी बोलते हुए सुना जा सकता है. उसने अपने संदेश में सुन्नी मुस्लिमों से जॉर्डन की सरकार गिराने के लिए भी कहा जो अमेरिका और ब्रिटेन का सहयोगी है.

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नए वीडियो पर टिप्पणी करते हुए अमेरिकी मध्य कमान के प्रवक्ता कैप्टन विलियम अर्बन ने कहा, “मैं रिकॉर्डिंग के अपने मूल्यांकन के बारे में कुछ नहीं कहूंगा.” सीएनएन ने अर्बन के हवाले से कहा, “हमें नहीं पता कि इस वक्त अबू बकर-अल बगदादी कहां है, लेकिन उसे युद्ध के मैदान से हटाने में हमारी दिलचस्पी अब भी बनी हुई है.” उन्होंने कहा, “मेरे ख्याल में अमेरिका के किसी भी सरकारी अधिकारी ने कभी यह नहीं माना कि वह मर चुका है.” उनसे जब पूछा गया कि क्या अमेरिकी अधिकारी मानते हैं कि आईएसआईएस सरगना जिंदा है तो अर्बन ने ‘हां’ में जवाब दिया.