'भगवा रंग से बचें और तिलक न लगाएं', बांग्लादेश में साधु-संतों को इस्कॉन कोलकाता ने क्यों दी ऐसी सलाह?

इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने बांग्लादेश में रह रहे अपने सहयोगियों और अनुयायियों को सलाह दी है. उन्होंने कहा है कि किसी भी खतरे से बचने के लिए भगवा रंग से बचें, तुलसी की माला छिपाएं, तिलक पोंछें और सिर ढकें.

Published date india.com Published: December 3, 2024 8:44 AM IST
(File Photo)
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Iskcon Kolkata advises members in Bangladesh: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों और इस्कॉन सदस्यों के खिलाफ बढ़ रही हिंसा की घटनाओं को देखते हुए इस्कॉन कोलकाता ने अपने सहयोगियों और अनुयायियों को सलाह दी है. इस्कॉन कोलकाता ने कहा है कि पड़ोसी देश में मौजूदा अशांति की स्थिति में संघर्ष से बचने के लिए साधु-संत और अनुयायी भगवा रंग से बचें, तुलसी की माला छिपाएं, तिलक पोंछें और सिर ढकें.

इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने कहा है कि वह साधु-संतों और अनुयायियों को सलाह दे रहे हैं कि मंदिरों और घरों के अंदर अपने धर्म का पालन करें, लेकिन बाहर निकलते समय अत्यधिक सावधानी बरतें.

राधारमण दास ने कहा, “मैं सभी भिक्षुओं और सदस्यों को सलाह दे रहा हूं कि संकट की इस घड़ी में खुद को बचाने और संघर्ष से बचने के लिए बहुत सावधान रहना चाहिए. मैंने सुझाव दिया है कि वे भगवा कपड़े पहनने और माथे पर तिलक लगाने से बचें. अगर उन्हें भगवा धागे पहनने की ज़रूरत महसूस होती है तो इस तरह से पहनना चाहिए कि यह कपड़ों के अंदर छिपा रहे और गर्दन के आसपास दिखाई न दे. अगर संभव हो, तो उन्हें अपना सिर भी ढकना चाहिए. संक्षेप में, उन्हें हर संभव उपाय करना चाहिए ताकि वे भिक्षुओं की तरह न दिखें.”

राधारमण दास ने कहा है कि पिछले हफ्ते कई इस्कॉन सदस्यों को कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से धमकी दी गई है. हमले की कुछ घटनाएं भी हुई हैं. इसलिए ऐसी सलाह जारी की गई है.

बता दें कि हाल ही में इस्कॉन के लगभग 63 सदस्यों को बांग्लादेश इमिग्रेशन द्वारा भारत में प्रवेश करने से रोक दिया गया. ये सभी भगवा कपड़े पहने थे और संत की वेश-भूषा में थे. बांग्लादेश के अधिकारियों ने सिर्फ इस्कॉन सदस्यों को ही भारत आने से रोका.अन्य लोगों को जाने दिया.

हालांकि बाग्लादेश के विदेश सलाहाकर मोहम्मद तौहीद हुसैन ने कहा है कि अंतरिम सरकार किसी भी तरह की सांप्रदायिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी. उन्होंने कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई बात भी कही है. लेकिन, इसके बावजूद हिंदुओं पर हमलों की खबरें लगातार आ रही हैं.

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