इस्लामाबाद: पाकिस्तान की तेजी से बढ़ रही जनसंख्या को ‘टिकटिक करता टाइमबम’ बताते हुए उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को धार्मिक विद्वानों, नागरिक संगठनों और सरकार से जनसंख्या नियंत्रण के उपायों को बढा़वा देने की अपील की है. इन उपायों में प्रति परिवार दो बच्चों का नियम भी शामिल है. Also Read - Wahab Riaz ने IPL को बताया दुनिया की नंबर-1 लीग, कहा- इसकी बराबरी नहीं

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मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार के नेतृत्व वाली तीन सदस्यों की एक पीठ ने पाकिस्तान में जनसंख्या नियंत्रण से जुड़े मामले की सुनवाई करने के दौरान यह बात कही. पाकिस्तान दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा जनसंख्या वाला देश है. यहां की आबादी करीब 20 करोड़ है. पाकिस्तान में जनसँख्या तेजी से बढ़ रही है. इससे पाकिस्तान चिंता में है. जनसँख्या बढ़ने पर लगाम लगाने के लिए कई तरह के उपायों और कानून बनाने की बात चल रही है. Also Read - PSL की कमाई से Umar Akmal का जुर्माना भरेंगे भाई Kamran Akmal!

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उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में धार्मिक विद्वानों, नागरिक संगठनों और सरकार से देश में जनसंख्या नियंत्रण के कदमों का प्रचार के लिए कदम उठाने की अपील की. एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक पीठ ने तेजी से बढ़ रही जनसंख्या को ‘टिकटिक करता टाइमबम’ करार दिया. मुख्य न्यायाधीश ने कहा, ‘पूरे देश को जनसंख्या नियंत्रण के कदम के साथ खड़े होने की जरूरत है.’