PM नेतन्याहू के लिए घर के भेदी बने खुद इजरायली, पैसों के लिए 7 नागरिकों ने ईरान को दी खुफिया जानकारी

Israel-Iran War: इजरायल में दुश्मन देश ईरान के लिए जासूसी करने वाले 7 इजरायली नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है. इन लोगों को जासूसी करने के लिए करोड़ो रुपये मिले थे.

Published date india.com Published: October 25, 2024 11:54 PM IST
PM नेतन्याहू के लिए घर के भेदी बने खुद इजरायली, पैसों के लिए 7 नागरिकों ने ईरान को दी खुफिया जानकारी
Israel PM Benjamin Netanyahu

इजरायल-ईरान की जंग में हर दिन 50-60 लोगों की मौत हो रही है. इजरायल की ओर से ईरान के ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं. वहीं ईरान भी जवाबी कार्रवाईं में अपने दुश्मन पर हमले कर रहा है. इस बीच, इजरायल-ईरान की जंग में एक नया मोड़ सामने आया है. बताया जा रहा है कि इजरायली सरकार को उसके खुद के नागरिको ने धोखा दिया है. दरअसल, यहूदी इजरायली नागरिकों को ईरान के लिए जासूसी करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया. जांच में खुलासा हुआ है कि सातों आरोपियों ने जासूसी के 600 ऑपरेशन को अंजाम दिया. और बदले में उन्हें कुल 3,00,000 यूएस डॉलर (2,52,22,650.00 भारतीय रुपये) मिले.

दुश्मन देश की मदद कर रहे थे इजरायली नागरिक

‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ के मुताबिक, संदिग्धों को जासूसी के हर काम के बदले 500 डॉलर से लेकर 1,200 डॉलर तक का भुगतान किया जाता था. जासूसी गिरोह को कुल 3,00,000 डॉलर का भुगतान किया गया. इन सातों पर युद्ध के दौरान दुश्मन की मदद करने और सूचना प्रदान करने का आरोप लगा है. सभी संदिग्ध हाइफा और उत्तरी क्षेत्र के निवासी हैं. जिनमें एक पूर्व एक सैनिक और 16-17 वर्ष की आयु के दो अज्ञात नाबालिग शामिल हैं.

एयर बेस की तस्वीरें लेने के लिए भेजा गया

अभियोजकों का कहना है कि संदिग्धों ने इजरायल में संवेदनशील जगहों, सैन्य ठिकानों और मानव लक्ष्यों के बारे में जानकारी इक्ट्ठा की. प्रतिवादियों ने नेवातिम, रमत डेविड, तेल नोफ और पालमाचिम में हवाई ठिकानों के साथ-साथ बीर तुविया, किर्यात गत, एमेक हेफर और तेल अवीव के उत्तर में ग्लिलोट परिसर में स्थित ठिकानों की तस्वीरें लेने के लिए सैकड़ों मिशन चलाए.

इसके अलावा, आरोपियों ने हाइफा क्षेत्र में आयरन डोम मिसाइल रक्षा प्रणालियों, सरकारी इमारतों, हाइफा, अशदोद और ईलाट के बंदरगाहों, हदेरा बिजली प्लांट और गोलानी जंक्शन क्षेत्र में आईडीएफ ऑब्जरवेशन बैलून की तस्वीरें लीं. अभियोजकों का कहना है कि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले के एक दिन बाद संदिग्धों को 14 अप्रैल को नेवातिम एयर बेस की तस्वीरें लेने के लिए भी भेजा गया था.

(इनपुट-एजेंसी के साथ)

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