इजरायल ने किया अमेरिका-ईरान डील का विरोध, बोला- लेबनान, सीरिया और गाजा पट्टी में कब्जे वाले इलाके नहीं छोड़ेगा

Written By: Vineet Sharan Updated by: Vineet Sharan
Updated Date:June 15, 2026 2:08 PM IST

Israel: इजरायल ने कहा है कि वह ट्रंप की डील मानने को बाध्य नहीं है और वह अमेरिका के भीतर कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है.

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Israel:अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का इजरायल ने कड़ा विरोध किया है. इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेनग्विर ने कहा कि इजरायल किसी के डील से बंधा हुआ नहीं है. उन्होंने यह भी कहा है कि लेबनान, सीरिया और गाजा पट्टी में कब्जे वाले इलाके नहीं छोड़ेगा. हालांकि, अमेरिका और ईरान के समझौते में लेबनान पर हमले रोकना भी शामिल है.

क्या है राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री का बयान

आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ट्रंप का समझौता हमें बांधता नहीं है. इजरायल अमेरिका के अंदर नहीं है और हम एक स्वतंत्र और संप्रभु देश हैं.

बताया क्या है इजरायल का कर्तव्य

इतामार बेन-ग्विर ने कहा, हमारा कर्तव्य इजरायल के नागरिकों, आईडीएफ के सैनिकों और यहूदी लोगों के प्रति है और हजारों साल के देश निकाला के दौरान सताए गए और मारे गए यहूदियों के प्रति हमारा ऐतिहासिक कर्तव्य है कि हम इजरायल की जमीन पर यहूदियों को सुरक्षा दें.

ओस्लो और लेबनान समझौते का जिक्र

इतामार बेन-ग्विर ने कहा कि हर बार जब हम इजरायल की सुरक्षा की कीमत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव में झुके, तो हमने खून की कीमत ब्याज के साथ चुकाई. यह ओस्लो समझौते में सच था, यह 2006 में लेबनान समझौते में सच था और यह गाजा में हर उस समय सच था जब हमारी मुश्किलें बढ़ीं. हम अमेरिका से प्यार करते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप के शुक्रगुजार हैं. फिर भी, इजरायल कोई 'बनाना रिपब्लिक' नहीं है.

हमारे लड़ाकों ने किया कब्जा

इजरायली मंत्री ने कहा, मैं ये बातें प्रधानमंत्री से हर समय कहता हूं और हर महत्वपूर्ण ऐतिहासिक मोड़ पर बंद कमरों में इन्हें दोहराता हूं. हम इस समझौते के साझेदार नहीं हैं जो हमारी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करता, और यह हमें किसी भी तरह से बांधता नहीं है. हमें हिज्बुल्लाह को खत्म करने से कम किसी भी चीज पर समझौता नहीं करना चाहिए. हमें ऐसे किसी भी इलाके से पीछे नहीं हटना चाहिए जिस पर हमारे लड़ाकों ने कब्जा कर लिया है और आतंकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट कर दिया है.

उन्होंने कहा कि हमें ऐसी स्थिति में वापस नहीं जाना चाहिए जहां हजारों आतंकवादी उत्तरी बस्तियों की घेराबंदी करके बैठे हों और निश्चित रूप से हमें इजरायल पर हो रही फायरिंग के सामने एक पल के लिए भी चुप नहीं रहना चाहिए. सबसे बढ़कर, हमें सबको यह स्पष्ट कर देना चाहिए. इजरायल के लोग 3,000 साल पुराने लोग हैं, हमेशा रहने वाले लोग जो लंबे रास्ते से नहीं डरते.

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