संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र पश्चिम एशिया दूत ने कहा है कि हिंसा और अतिवाद बढ़ने के कारण इजराइल और फलस्तीन के बीच शांति स्थापित होने की उम्मीद दिन-ब-दिन धूमिल होती जा रही है और युद्ध का खतरा बढ़ता जा रहा है. निकोलय म्लादेनोव ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बुधवार को बताया कि जिस द्विराष्ट्र समाधान पर बात की जा रही है, वह दूर होता जा रहा है.

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म्लादेनोव ने कहा, सबसे पहले बदलाव के लिए आवश्यक नेतृत्व एवं राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है. जब तक यह इच्छाशक्ति पैदा नहीं होती, फलस्तीन एवं इजराइल लगातार खतरनाक स्थिति की ओर बढ़ते रहेंगे. म्लादेनोव ने कहा कि नेताओं को यह भरोसा करना होगा कि शांति वार्ता के जरिए ही संभव है.

दोनों देशों को प्रतिबद्ध होना चाहिए
यूएन के पश्चिम एशिया दूत ने कहा कि नेताओं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों एवं द्विपक्षीय समझौतों के आधार पर शांति समझौता करने में इजराइल और फलस्तीन को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए.

युद्ध चाहता है इजराइल: ईरान
बीते 18 फरवरी ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने सीरिया में ईरान के ठिकानों पर हाल में हुए हमलों का जिक्र करते हुए रविवार को कहा कि इजराइल युद्ध चाहता है. जरीफ ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में एक प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान कहा, निश्चित ही कुछ लोग युद्ध चाहते हैं. जब उनसे यह पूछा गया कि वे लोग कौन हैं, तो उन्होंने कहा, इजराइल. पिछले महीने इजराइल ने सीरिया में ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के ठिकानों पर सिलसिलेवार हवाई हमले किए थे. जरीफ ने कहा, हम सीरिया सरकार के निमंत्रण पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के एकमात्र मकसद से सीरिया में आए हैं. ईरान सीरिया में जारी गृह युद्ध को लेकर राष्ट्रपति बशर अल असद का लगातार समर्थन करता आया है.