वाशिंगटन: वाशिंगटन पोस्ट  के जाने माने पत्रकार जमाल खशोगी को लापता हुए दो सप्ताह हो गए हैं और अब तक के हालात उनकी हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं. ऐसे में  ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने उनका एक लेख प्रकाशित किया है जिसमें खाशोगी ने अरब जगत में स्वतंत्र प्रेस के महत्व पर चर्चा की है. Also Read - वली अहद ने खशोगी की हत्या का आदेश देने के आरोप से किया इनकार

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अंतिम लेख

इस लेख को जमाल का अंतिम लेख माना जा रहा है. बता दें कि खागोशी के लापता होने के बाद अखबार ने उनके कॉलम के स्पेस को रिक्त छोड़ते हुए लिखा था कि ‘जमाल ये तुम्हारा है’. समाचार पत्र ने इस लेख को इस उम्मीद पर रोक कर रखा था कि वह लौट आएंगे. लेकिन अब उनकी वापसी की संभावनाएं लगभग ध्वस्त  हो चुकी हैं.

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‘द वाशिंगटन पोस्ट’ के कॉलम में प्रकाशित लेख में खाशोगी ने लिखा, ‘अरब जगत एक प्रकार से अपनी ही बनाई लोहे की दीवार का सामना कर रहा है जो किसी बाहरी ने नहीं बल्कि सत्ता की लालसा रखने वाली आंतरिक ताकतों ने बनाई है.’ वह आगे लिखते हैं, ‘अरब जगत को पुराने अंतरराष्ट्रीय मीडिया के नए संस्करण की आवश्यकता है ताकि नागरिकों को वैश्विक घटनाक्रमों की जानकारी मिल सके. हमें अरब की आवाजों को मंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता है.’

‘स्वीकार करना होगा, यह अब कभी नहीं होगा’

जमाल खाशोगी के कॉलम के साथ उनकी फोटो लगाई गई है और उसकी प्रस्तावना में पोस्ट की ग्लोबल ओपीनियन्स एडिटर कारेन अतिया ने लिखा कि समाचार पत्र ने इस लेख को इस उम्मीद पर रोक कर रखा था कि वह लौट आएंगे. अतिया ने लिखा है, ‘‘अब मुझे यह स्वीकार करना होगा, यह अब कभी नहीं होगा. उनका यह अंतिम लेख है जो मैं पोस्ट के लिए संपादित करूंगी.’’ उन्होंने लिखा, ‘‘यह कॉलम अरब जगत में आजादी के लिए उनके जुनून और प्रतिबद्धता को पूरी तरह से दर्शाता है. एक ऐसी आजादी, जिसके लिए स्पष्ट रूप से उन्होंने अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी.’’

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