Japan First Female Pm Sanae Takaichi Read Her Profile Story Here
कभी ड्रम बजाती थी ये लेडी... आज संभाल रही इस देश की सत्ता, जानिए ड्रमर से PM बनने तक का सफर
दुनिया के इस देश की राजनीति में इतिहास रचा है. दरअसल, देश को पहली महिला प्रधानमंत्री मिली है. यह महिला पहले ड्रम बजाने, टीवी शो होस्ट करने का काम करती थीं और अब देश की सत्ता संभाल रहीं हैं.
जापान की राजनीति में आज यानी 21 अक्टूबर, 2025 का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ. दरअसल, देश ने पहली बार किसी महिला को प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी है. संसद के निचले सदन ने 64 वर्षीय साने ताकाइची (Sanae Takaichi) को जापान की नई प्रधानमंत्री के रूप में चुना. ताकाइची अपने कड़े रूढ़िवादी विचारों और चीन के प्रति सख्त रुख के लिए जानी जाती हैं. प्रधानमंत्री बनने तक के सफर ने ये साबित कर दिया कि जापान जैसे पारंपरिक देश में भी महिलाओं के लिए अब नई राहें खुल रही हैं. आइए खबर में ताकाइची के बारे में जानते हैं –
कभी ड्रम बजाया करती थीं साने ताकाइची
साने ताकाइची का जन्म एनारा प्रांत में हुआ था, वह बचपन से ही आत्मनिर्भर और दृढ़ स्वभाव की थीं. उन्होंने कोबे यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और कॉलेज के दिनों में उन्हें संगीत से खास लगाव था. वे कॉलेज बैंड में हेवी मेटल ड्रम बजाया करती थीं. राजनीति में आने से पहले उन्होंने टीवी होस्ट के तौर पर भी काम किया. 1993 में उन्होंने पहली बार संसद में कदम रखा, और अब तकरीबन तीन दशकों बाद वे जापान की सबसे बड़ी पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) की अध्यक्ष बनी और अब देश की पहली महिला प्रधानमंत्री भी.
रूढ़िवादी विचारों के लिए जानी जाती है ताकाइची
साने ताकाइची को जापान की राजनीति में कट्टर और रूढ़िवादी नेता माना जाता है. वे पुरुष-प्रधान सम्राट उत्तराधिकार प्रणाली की समर्थक हैं, समलैंगिक विवाह और विवाहित जोड़ों के अलग-अलग उपनाम रखने के खिलाफ हैं. हालांकि उनके विचार पारंपरिक हैं, फिर भी उनका प्रधानमंत्री बनना जापान की राजनीति में महिलाओं की बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत है. आलोचकों का मानना है कि ताकाइची का सत्ता में आना सिर्फ प्रतीकात्मक बदलाव हो सकता है. लेकिन समर्थक कहते हैं कि यह जापानी समाज की मानसिकता में एक नए दौर की शुरुआत है, जहां महिलाएं भी सत्ता की सबसे ऊंची कुर्सी तक पहुंच सकती हैं.
आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर बड़ी चुनौतियां
प्रधानमंत्री बनने के बाद ताकाइची के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं. देश की आर्थिक मंदी और बढ़ती महंगाई, बुजुर्ग आबादी के कारण कामगारों की कमी, और चीन व उत्तर कोरिया के साथ बढ़ते तनाव जैसे मुद्दे उनका इंतजार कर रहे हैं.
इसके अलावा, गठबंधन सरकार की अस्थिरता भी उनको परेशान कर सकती है. जनता अब यह देखना चाहती है कि क्या साने ताकाइची सिर्फ एक ‘पहली महिला प्रधानमंत्री’ बनकर रह जाएंगी या वाकई वे जापान के लिए नई दिशा और बदलाव की आवाज बनेंगी.
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