टोक्यो: दुनिया में जब फांसी की सजा को बंद करने की मांग की जा रही है, वहीं जापान जैसे विकसित देश में हत्या के दोषी दो लोगों को गुरुवार को फांसी दे दी गई. कीजो कावामुरा (60) और हिरोया स्यूमोरी (67) को फांसी दी गई. वे 1988 में हुई एक निवेश कंपनी के प्रमुख और एक कर्मचारी की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए थे. इसके साथ ही जापान में इस साल फांसी पर चढ़ाए गए लोगों की संख्या 15 हो गई है.

100 से ज्यादा कैदियों को फांसी इंतजार
देश में अभी 100 से अधिक कैदी मौत की सजा का सामना कर रहे हैं. जापान मृत्युदंड को बरकरार रखने वाले कुछ विकसित देशों में से एक है और अंतरराष्ट्रीय आलोचना तथा मानवाधिकार समूहों की ओर से आलोचना के बावजूद देश में मौत की सजा को जनता का भारी समर्थन प्राप्त है.

न्याय मंत्री ने दी जानकारी
जापान के न्याय मंत्री ताकाशी यामाशिता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कीजो कावामुरा (60) और हिरोया स्यूमोरी (67) को फांसी दी गई. वे 1988 में हुई एक निवेश कंपनी के प्रमुख और एक कर्मचारी की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए थे.

ये है पूरा मामला
इन लोगों ने करीब दस लाख येन : आज की दर से 900,000 डालर चुराने के बाद दोनों पीड़ितों के शवों को पहाड़ी पर कंक्रीट में दबा दिया था. उन्हें साल 2004 में फांसी की सजा सुनाई गई थी.

बेहद जघन्य अपराध था, जापान फांसी बंद नहीं करेगा
विधि मंत्री तकाशी यामाशिता ने संवाददाता सम्मेलन में बताया, ”यह बेहद जघन्य अपराध था, जिसने पूरे समाज को झकझोर दिया था.” पूर्व अभियोजक विधि मंत्री ने बताया कि उन्होंने काफी सावधानीपूर्वक विचार करने के बाद ही फांसी की सजा का आदेश दिया था. उन्होंने साथ ही स्पष्ट किया कि जापान निकट भविष्य में फांसी की सजा को खत्म करने वाला नहीं है.

इस साल 15 को फांसी के तख्ते पर लटकाया
इन दो लोगों को फांसी दिए जाने के साथ जापान में इस साल फांसी पर चढ़ाए गए लोगों की संख्या 15 हो गई है.