
Bharat Malhotra
भारत मल्होत्रा के पास डिजिटल मीडिया का 17 साल का अनुभव है. आईपीएल 2008 से करियर की विधिवत शुरुआत हुई. तब से कुछ ब्रेक के साथ आईपीएल और क्रिकेट ... और पढ़ें
ऐपल दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है. टेक की दिग्गज कंपनी. दुनिया के कई देशों की जीडीपी से ज्यादा वैल्यू है इस कंपनी की. और इसका सीईओ बनना वाकई बहुत बड़ी बात है. मौजूदा वक्त में टिम कुक के पास इसका पद है. लेकिन अब कुक के उत्तराधिकारी को लेकर खबरें आने लगी हैं. कहा जा रहा है कि जॉन टेर्नस को यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. टेर्नस फिलहाल सीनियर हार्डवेयर एग्जीक्यूटिव हैं. और उन्हें टिम कुक के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है. कंपनी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जेफ विलियमस के बारे में खबरें आ रही हैं कि वह पद छोड़ने का विचार कर रहे हैं. और कुक की उम्र 65 साल हो गई है. इस वजह से कंपनी अब भविष्य की ओर देखते हुए लीडरशिप में बदलाव पर गंभीरता से विचार कर रही है.
जॉन टेर्नस अभी ऐपल में हार्डवेयर इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट हैं. वह सीधा सीईओ टिम कुक को रिपोर्ट करते हैं. वह ऐपल की हार्डवेयर टीम की अगुआई करते हैं. इसमें वे टीमें शामिल हैं जो आईफोन, आईपैड, मैक और एयरपॉड्स पर काम करती हैं.
टेर्नस साल 2001 में ऐपल में प्रॉडक्ट डिजाइन टीम के साथ जुड़े थे. और साल 2013 में वह हार्डवेयर इंजीनियरिंग में वाइस प्रेजिडेंट बन गए. बीते कई साल में उन्होंने कंपनी के कई उत्पादों को लॉन्च करने में अहम भूमिका निभाई.
कंपनी की वेबसाइट पर उनके बारे में लिखा है, ‘ऐपल के साथ अपने पूरे कार्यकाल में जॉन ने हार्डवेयर इंजीनियरिंग के विविध कामों को देखा है और कई कमाल के प्रॉडक्ट्स पर काम किया है. इमसें आईपॉड्स के हर जेनरेशन से लेकर सबसे नए आईफोन और एयरपॉड्स तक.’
मैक के लिए ऐपल सिलिकन बनाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने हाल ही में आईफोन एयर भी लॉन्च किया. कई साल में आईफोन के डिजाइन में यह एक बड़े बदलाव के साथ लॉन्च हुआ. हाल ही में उनकी भूमिका कंपनी में बढ़ती चली गई है. वह अब जनता के सामने पहले से ज्यादा नजर आते हैं और कंपनी के भीतर भी उन्हें काफी मौकों पर तवज्जो दी जाने लगी है.
टेर्नस के पास तकनीक की काफी गहरी समझ है. और शायद ऐपल का इस पर काफी ध्यान है. ऑपरेशनल और सेल्स स्किल्स से ज्यादा कंपनी इस पर फोकस कर रही है. कुक के नेतृत्व में ऐपल ने काफी तरक्की की लेकिन मिकस्ड रिएलिटी और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा.
टेर्नस की उम्र 50 साल है. और टिम कुक जब कंपनी के सीईओ बने थे तब उनकी उम्र भी लगभग इतनी ही थी. और यह बात टेर्नस को लंबे वक्त तक उन्हें कंपनी में इस पोजिशन पर बने रहने का दावेदार बनाती है.
ऐपल से जुड़ने से पहले टेर्नस वर्चुअल रिचर्स सिस्टम के साथ मैकैनिकल इंजीनियर थे. यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया से उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर की डिग्री हासिल की है.
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