
Gargi Santosh
गार्गी संतोष, जी मीडिया के India.com में सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह हाइपरलोकल, नेशनल और वर्ल्ड सेक्शन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. गार्गी को लाइफस्टाइल, हेल्थ, टेक्नोलॉजी, और ... और पढ़ें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को जॉर्डन पहुंचे, यहां वह किंग अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात करेंगे. इस यात्रा का मकसद भारत और जॉर्डन के रिश्तों को और मजबूत करना है, लेकिन इन सबके बीच जॉर्डन के शाही परिवार को लेकर चर्चा तेज हो गई है. वजह है किंग अब्दुल्ला द्वितीय का बेहद अनोखा और आधुनिक परिवार, जो इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद साहब का 41वां वंशज माना जाता है. इसके बावजूद यह परिवार न तो कट्टर सोच में बंधा है और न ही महिलाओं पर किसी तरह की धार्मिक पाबंदी थोपता है. किंग अब्दुल्ला पश्चिमी दुनिया में सबसे लोकप्रिय मुस्लिम नेताओं में गिने जाते हैं और उनकी पत्नी क्वीन रानिया को दुनिया की सबसे खूबसूरत और फैशनेबल रानियों में शामिल किया जाता है.
क्वीन रानिया अल-अब्दुल्ला को आपने शायद ही कभी हिजाब या बुर्खा में देखा होगा. वे इंटरनेशनल मंचों पर खुले बालों, डिजाइनर ड्रेस और आत्मविश्वास के साथ नजर आती हैं. क्वीन रानिया का मानना है कि इस्लाम में पर्दा कपड़ों का नहीं, बल्कि सोच और नजर का होता है. उन्होंने कई बार कहा है कि हिजाब पहनना या न पहनना किसी की निजी पसंद होनी चाहिए. उनका यह नजरिया जॉर्डन जैसे मुस्लिम देश में बदलाव की मिसाल है. किंग अब्दुल्ला ने भी कभी अपनी पत्नी या बेटियों पर कोई रूढ़िवादी नियम नहीं थोपे, जिससे उनका परिवार मॉडर्न मुस्लिम सोच का प्रतीक बन गया है.
किंग अब्दुल्ला और क्वीन रानिया के चार बच्चे हैं, जिनकी परवरिश पूरी तरह आधुनिक माहौल में हुई है. सबसे बड़े बेटे क्राउन प्रिंस हुसैन जॉर्डन के भावी राजा हैं. उन्होंने अमेरिका की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की और ब्रिटेन की सैंडहर्स्ट मिलिट्री एकेडमी से ट्रेनिंग ली. वे जॉर्डन की सेना में कैप्टन हैं और हाल ही में उनकी शादी सऊदी आर्किटेक्ट रजवा अल सैफ से हुई. उनकी बेटी प्रिंसेस ईमान पढ़ाई, खेल और फैशन में अपनी मां जैसी हैं, जबकि प्रिंसेस सलमा ने इतिहास रचते हुए जॉर्डन की पहली महिला जेट पायलट बनकर दुनिया को चौंका दिया.
किंग अब्दुल्ला की संपत्ति भी अक्सर सुर्खियों में रहती है. पेंडोरा पेपर्स और क्रेडिट सुइस लीक में उनके अमेरिका, ब्रिटेन और स्विट्जरलैंड में करोड़ों डॉलर की संपत्तियों का दावा किया गया था. हालांकि, शाही परिवार ने इसे निजी और पैतृक संपत्ति बताया. इन विवादों से अलग, किंग अब्दुल्ला की छवि एक एडवेंचर लवर और जमीन से जुड़े राजा की भी है. वे खुद प्रशिक्षित पायलट हैं, हेलीकॉप्टर उड़ाते हैं और कई बार भेस बदलकर आम लोगों के बीच निकल जाते हैं ताकि सिस्टम की हकीकत समझ सकें.
किंग अब्दुल्ला द्वितीय और उनका परिवार यह साबित करता है कि परंपरा और आधुनिकता साथ चल सकती हैं. जहां एक ओर शाही परिवार पारंपरिक अरबी रस्में निभाता है, वहीं दूसरी ओर उनकी बेटियां फाइटर जेट उड़ाती हैं और पत्नी दुनिया को महिला सशक्तिकरण का संदेश देती हैं. यही संतुलन जॉर्डन को मिडिल ईस्ट में स्थिरता और शांति का प्रतीक बनाता है. शायद इसी वजह से किंग अब्दुल्ला को न सिर्फ अपने देश में, बल्कि पूरी दुनिया में एक प्रगतिशील मुस्लिम नेता के रूप में देखा जाता है.
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