लाहौरः पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने रविवार को देश की न्यायपालिका और ताकतवर सेना पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया और कहा कि वह उनसे डरे हुए नहीं हैं. पंजाब के शेखुपुरा जिले में एक बड़ी रैली में 67 वर्षीय शरीफ ने कहा कि वे (न्यायपालिका और सेना) मेरी दुश्मन बन गई हैं और वे मुझसे बदला लेना चाहती हैं. लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि मैं उनसे डरा हुआ नहीं हूं और मैं उनकी साजिश का डटकर मुकाबला करुंगा. Also Read - पाक सरकार ने जमानत अवधि का उल्लंघन करने के आरोप में नवाज शरीफ को 'भगोड़ा' घोषित किया: रिपोर्ट

उन्होंने अपने समर्थकों से इन ताकतों (सेना एवं न्यायपालिका) को हराने में उनकी मदद करने की अपील की और कहा कि ये ताकतें पिछले 70 सालों से देश में बाधाएं खड़ी कर रही हैं. शरीफ और उनके परिवार के कुछ सदस्य लंदन में बेशकीमती संपत्तियों के स्वामित्व के संबंध में आरोपों का सामना कर रहे हैं. शरीफ ने जुलाई में प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें पनामा पेपर्स मामले में अघोषित आय को लेकर अयोग्य ठहरा दिया था.ये मामले एनएबी ने आठ सितंबर को अदालत में शरीफ, उनके बच्चे और दामाद के खिलाफ दर्ज किये थे. शरीफ ने उन्हें अयोग्य ठहराये जाने का बदला इस साल के आम चुनाव में लेने और उन्हें अपदस्थ करने वालों को जवाबदेह बनाने का ठाना. Also Read - इमरान सरकार ने बीमार नवाज शरीफ की बेटी मरियम को नहीं दी विदेश यात्रा की अनुमति

गौरतलब है कि पाकिस्तान की भ्रष्टाचार निरोधक संस्था ने बुधवार को अधिकारियों से कहा था कि पद से हटाए गए प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, उनकी बेटी और दामाद को निकास नियंत्रण सूची में डाल दें ताकि वे देश से बाहर न जा सकें. नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) ने गृह मंत्रालय को इस बारे में एक औपचारिक आग्रह भेजा है. गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने पुष्टि की थी कि एनएबी ने लिखा है कि शरीफ, उनकी बेटी मरियम नवाज अैर दामाद कैप्टन (सेवानिवृत्त) मुहम्मद सफदर के नाम को एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) में डाला जाए जो ऐसे लोगों की सूची है जिन्हें पाकिस्तान छोड़ने की अनुमति नहीं होती.