Kabul Explosion: काबुल हवाईअड्डे के पास रविवार की शाम फिर एक विस्फोट की सूचना मिली, जब विदेशी नागरिकों को निकालने का अभियान समाप्त होने वाला था. मीडिया रिपोर्ट्स में एक स्थानीय अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि विस्फोट एक रॉकेट से हुआ जो पास के एक घर से टकराया और हवाईअड्डे को निशाना नहीं बनाया गया.Also Read - तालिबान ने महिलाओं का मंत्रालय हटाया, पूरी तरह से पुरूष सदस्यों वाले मंत्रालय का किया गठन

लोकल मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में एक मासूम सहित कम से कम दो लोगों की मौत हुई है जबकि तीन लोगों के घायल होने की खबर है.  सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों में धुएं के काले बादल हवा में उठते दिख रहे हैं. यह धमाका अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा हवाईअड्डा क्षेत्र में एक और हमले की चेतावनी देने के कुछ घंटों बाद हुआ. Also Read - Afghanistan: US ने काबुल में ड्रोन हमले को बताया भूल, माना 10 नागरिक मारे गए थे, IS आतंकी नहीं

अमेरिका ने कहा- हमने ड्रोन अटैक का खतरा खत्म किया Also Read - काबुल में भारतीय के अपहरण की खबर, भारत ने कहा- सभी संबंधित पक्षों के साथ सम्पर्क में हैं

अमेरिका का कहना है कि रविवार को काबुल में उसका ड्रोन हमला हवाईअड्डे के लिए आसन्न खतरे को खत्म करने में सफल रहा, जहां निकासी बंद हो रही है. यूएस सेंट्रल कमांड के कैप्टन बिल अर्बन ने कहा कि वे आश्वस्त थे कि लक्ष्य, आईएस-के से जुड़े कम से कम एक व्यक्ति और पर्याप्त मात्रा में विस्फोटक सामग्री ले जाने वाला वाहन नष्ट हो गया. रिपोर्ट में कहा गया है, हम नागरिकों के हताहत होने की संभावनाओं का आकलन कर रहे हैं, हालांकि इस समय हमारे पास कोई संकेत नहीं है. हम संभावित भविष्य के खतरों के लिए सतर्क रहते हैं.

यह बयान तब आया जब प्रत्यक्षदर्शियों ने हवाईअड्डे के पास रॉकेट हमले की सूचना दी, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों घटनाएं जुड़ी हुई हैं या नहीं. काबुल हवाईअड्डे पर पिछले गुरुवार को हुए बम विस्फोट में 13 अमेरिकी सैनिकों समेत 170 लोगों की मौत हो गई थी.

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा है कि वे अफगानिस्तान में हमले जारी रखेंगे, काबुल हवाईअड्डे पर हमले के बाद लगभग 170 लोग मारे गए थे. उन्होंने सीबीएस को बताया, राष्ट्रपति (जो बाइडेन) का अफगानिस्तान में एक नया युद्ध शुरू करने का इरादा नहीं है.

ऐसा कहा जा रहा है, वह अपने कमांडरों से भी बात करने जा रहा है कि काबुल हवाईअड्डे पर हमारे सैनिकों पर हमला करने वाले लोगों को प्राप्त करने के लिए उन्हें जो भी उपकरण और क्षमताओं की जरूरत है, और यह सुनिश्चित करने के लिए कि हम समूह को कमजोर और कमजोर कर रहे हैं, आईएसआईएस-के, जिसने इस हमले को अंजाम दिया.

आईएसआईएस-के या आईएस-के, इस्लामिक स्टेट जिहादी समूह की अफगानिस्तान शाखा है, जिसने काबुल हवाईअड्डे पर हमले का दावा किया था. बीबीसी ने बताया कि सुलिवन ने यह भी कहा कि वे अमेरिका में हमलों के संभावित खतरे पर बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं.

खुफिया समुदाय ने आज तक जो आकलन किया है, वह यह है कि अफगानिस्तान में संबंधित आतंकवादी समूहों के पास उन्नत बाहरी साजिश क्षमता नहीं है – लेकिन, बेशक, वे उन्हें विकसित कर सकते थे.

(इनपुट आईएएनएस)