पाकिस्तान में कराची यूनिवर्सिटी में हड़ताल पर शिक्षक, महीनों से नहीं मिली सैलरी, टीचर्स ने कहा- नहीं होंगी परीक्षाएं

कर्मचारियों ने कहा है उनकी मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी. उनकी ये भी मांग है कि जो कमियां हैं उनकी जांच की जाए.

Written by: Farha Fatima
Published: June 3, 2026, 2:12 PM IST

कराची विश्वविद्यालय के शिक्षक महीनों से बगैर वेतन के पढ़ा रहे थे. शासन-प्रशासन से गुहार लगाने का भी कुछ फायदा नहीं हुआ. नतीजतन, 5 मई 2026 से सभी हड़ताल पर हैं, शैक्षणिक कार्य ठप है और इसका असर सेशन एग्जाम पर भी पड़ा है. सबने एग्जाम बायकॉट, फैसले को बरकरार रखने का निर्णय जारी रखा है. हालांकि एक विशेष समिति भी बनाई गई जिसके प्रस्ताव को शिक्षक संघ ने सिरे से खारिज कर दिया. स्थानीय मीडिया ने उनके इस फैसले से रूबरू कराया.

लंबित वित्तीय मांगों को पूरा नहीं किया जाता

ians हिंदी की खबर के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रांतीय नेताओं की कोशिशों के बावजूद शिक्षकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी लंबित वित्तीय मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक वे अपना विरोध समाप्त नहीं करेंगे.

प्रमुख मीडिया आउटलेट डॉन के अनुसार, मंगलवार को आयोजित कराची यूनिवर्सिटी टीचर्स सोसाइटी (केयूटीएस) की आम सभा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सेमेस्टर परीक्षाओं के बहिष्कार को जारी रखा जाएगा.

समिति गठित करने की घोषणा

हाल ही में सिंध उच्च शिक्षा आयोग (एसएचईसी) ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक छह सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की थी.

एसएचईसी की अधिसूचना के अनुसार, आयोग के अध्यक्ष की अगुवाई में गठित समिति में विश्वविद्यालय एवं बोर्ड विभाग के सचिव, एसएचईसी सचिव, केयूटीएस अध्यक्ष तथा कर्मचारी और अधिकारी कल्याण संघों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है. समिति को शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की शिकायतों की जांच कर 40 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने का दायित्व सौंपा गया है.

बहिष्कार तत्काल समाप्त करने पर सहमति

अधिसूचना में यह भी कहा गया था कि शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने परीक्षा बहिष्कार तत्काल समाप्त करने पर सहमति जताई है. हालांकि, केयूटीएस की आम सभा ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया. शिक्षकों का कहना है कि आंदोलन समाप्त करने का अधिकार केवल आम सभा को है और किसी भी निर्णय के लिए उसकी स्वीकृति आवश्यक है.

केयूटीएस के अध्यक्ष डॉ. सैयद गुफरान आलम ने कहा कि शिक्षकों ने एसएचईसी की पहल का स्वागत किया है और संवाद के लिए उनके दरवाजे खुले हैं, लेकिन बकाया भुगतान के बिना आंदोलन समाप्त करना संभव नहीं है.

कराची विश्वविद्यालय के शिक्षक 5 मई से शाम की कक्षाओं, परीक्षा पर्यवेक्षण, उत्तर पुस्तिका जांच, प्रश्नपत्र निर्माण, अवकाश नकदीकरण और अन्य बकाया भुगतानों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. अब गैर-शिक्षण कर्मचारी भी इस विरोध में शामिल हो चुके हैं. कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के वित्तीय संकट की जांच की मांग करते हुए कहा है कि उनकी मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी. (इनपुट एजेंसी से)

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