करतारपुर (पाकिस्तान): सिख धर्म के संस्थापक बाबा गुरु नानक के अंतिम विश्राम स्थल पर स्थित ऐतिहिसक दरबार साहिब गुरुद्वारे (करतारपुर साहिब गुरुद्वारा) तक भारतीय सीमा से जाने के लिए करतारपुर गलियारा खुलने के साथ सिख समुदाय की सालों पुरानी मनोकामना शनिवार को पूरी हो गई है. इस ऐतिहासिक अवसर पर दरबार साहिब गुरुद्वारे को भी नई साज-सज्जा के साथ सजाया गया है. यात्रियों के धार्मिक कार्यकलाप के लिए गुरुद्वारे में दीवान स्थान की नई दोमंजिला इमारत बनाई गई है. गुरुद्वारा परिसर में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ संग्रहालय व पुस्तकालय बनाए गए हैं जिनमें बाबा गुरु नानक से जुड़ी चीजों और बेशकीमती तस्वीरों को रखा गया है.

गुरुद्वारे में 28 हजार फीट में लंगर हॉल बनाया गया है जिसमें एक बार में दो हजार यात्री खाना खा सकते हैं. एक लाख 15 हजार फीट में अतिथिगृह बनाया गया है जिसमें सात सौ यात्री ठहर सकते हैं. इसमें 20 हॉल और 40 फैमिली रूम हैं जिनमें गद्दों के साथ बेड व आरामदेह कुर्सियां रखी गई हैं.

गुरुद्वारे व कॉरिडोर से संबंधित सूचनाएं देने के लिए एक सूचना केंद्र बनाया गया है. यात्रियों को सूचनाएं देने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया गया है. गुरुद्वारे के हर हिस्से पर सीसीटीवी कैमरे से निगाह रखी जाएगी जिसके लिए एक केंद्रीय कंट्रोल रूम बनाया गया है. पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग सौ शौचालय बनाए गए हैं.

(इनपुट-आईएएनएस)