वॉशिंगटन: अमेरिका में कश्मीरी पंडितों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक संगठन ने घाटी के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों द्वारा पंडित सरपंच की लक्षित हत्या की निंदा की है. इंडियन-अमेरिकन कश्मीर फोरम (आईएकेएफ) ने सोमवार को कहा कि पंडित को न‍िशाना बनाकर उनकी हत्या किया जाना साबित करता है कि घाटी में अल्पसंख्यक कश्मीरी हिंदू समुदाय का नस्ली सफाया बेरोक-टोक जारी है. Also Read - कश्मीर: कोरोना पॉजिटिव थे कुलगाम मुठभेड़ में मारे गए हिज्बुल के दोनों आतंकी

अनंतनाग जिले के लरकीपोरा इलाके के सरपंच एवं कांग्रेस पार्टी के सदस्य अजय पंडित (भारती) की आतंकवादियों ने सोमवार को उनके गांव में गोली मार कर हत्या कर दी थी. Also Read - जम्मू-कश्मीर: कुलगाम में हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने मार गिराए दो आतंकवादी, जवान घायल

संगठन ने एक बयान में कहा कि उनकी नृशंस और सार्वजनिक तौर पर की गई हत्या कश्मीर घाटी में पिछली कुछ सदियों में पूरे कश्मीरी हिंदू समुदाय को उनके घर से बाहर निकालने के लिए उनपर बरपाए गए कहर की याद दिलाता है. Also Read - J&K: आतंकियों की कश्‍मीर में युद्ध जैसी तैयारी, हथियारों का भारी जखीरा जब्‍त

पंडिता के साथ ही निचले स्तर पर काम कर रहे अन्य सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा जरूरतों के प्रति स्थानीय प्रशासन के उदासीन रवैये की निंदा करते हुए आईएकेएफ ने मांग की कि कश्मीरी हिंदू जो अब भी घाटी में रह रहे हैं उन्हें घाटी में शांति बहाल होने तक अतिरिक्त पुलिस संरक्षण दिया जाए.

आईएकेएफ ने  अपने बयान में पाकिस्तान और कश्मीर घाटी में उसके समर्थकों की निंदा की जो लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिज्बुल मुजाहिदीन और द रजिस्टेंट फ्रंट जैसे वैश्विक आतंकवादी संगठनों को आर्थिक मदद मुहैया कराते हैं, बढ़ावा देने के साथ ही पनाहगाह मुहैया कराते हैं.

अनंतनाग में सोमवार को आतंकियों ने सरपंच की हत्या की थी
जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों ने सोमवार को कश्मीरी पंडित सरपंच की गोली मारकर हत्या कर दी थी . एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आतकियों ने शाम छह बजे अनंतनाग जिले के लारकीपुरा इलाके के सरपंच और कांग्रेस के सदस्य अजय पंडित की उनके गांव में हत्या कर दी . उन्होंने कहा कि पंडित को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया . कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि पंडित पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता थे. फिलहाल, किसी भी आतंकी संगठन ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है .