ह्यूस्टन: भारतीय मूल के प्रतिष्ठित अमेरिकी भौतिक वैज्ञानिक ईसी जॉर्ज सुदर्शन का टेक्सास राज्य में अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान उनका परिवार और दोस्त मौजूद रहे. उन्हें भौतिक विज्ञान के नोबेल पुरस्कार के लिए नौ बार नामित किया गया, लेकिन वह कभी यह सर्वोच्च पुरस्कार नहीं जीत पाए. भारत सरकार ने साल 2007 में भौतिक विज्ञानी को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा.

बता दें कि सुदर्शन और स्नातक के उनके छात्र वी के देशपांडे ने सबसे पहले टेक्योन नामक कणों के अस्तित्व की बात कही थी.ऑस्टिन में यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास ने सुदर्शन के निधन पर शोक जताया है. सुदर्शन वर्ष 1969 से इस विश्वविद्यालय में काम कर रहे थे. भौतिक विज्ञान विभाग के कई छात्रों और फैकल्टी सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल हुए. उनका पेशेवर करियर पांच दशक का रहा.

सुदर्शन का जन्म वर्ष 1931 में केरल के कोट्टायम में हुआ था. वह 86 वर्ष के थे. उनके परिवार में पत्नी भामती सुदर्शन और दो बच्चे हैं. उनका 13 मई को टेक्सास के ऑस्टिन में प्राकृतिक कारणों से निधन हो गया. उनके दो बेटों एलेक्स और अशोक ने राउंडरॉक के समीप बेक फ्यूनरल होम में उनकी अंत्येष्टि की. इस दौरान उनकी पत्नी ने देवी सरस्वती पर सुदर्शन की पसंदीदा स्तुति गाई. (इनपुट- एजेंसी)