खार्ग की टंकी होगी फुल और बंद हो जाएंगे ईरान के तेल के कुएं, ईरान को झुकाने के लिए ट्रंप ने बनाया नया मास्टरप्लान
Iran Oil Wells: ट्रंप का मानना है कि होर्मुज की घेराबंदी से ईरान दबाव में आएगा क्योंकि इससे उसके तेल के कुएं बंद हो सकते हैं.
(photo credit AI, for representation only)
Iran Oil Wells: ईरान-अमेरिका युद्ध को हर हाल में अमेरिका खत्म करना चाहता है. इसलिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब सीजफायर बढ़ाने का ऐलान किया तो होर्मुज पर नाकेबंदी जारी रखने की भी बात कही. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिका (US) प्रशासन को लगता है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी से खार्ग द्वीप पर तेल का भंडारण भर जाएगा. इससे ईरान के तेल के कुएं बंद हो जाएंगे और ईरान अमेरिका की ओर से ऑफर डील को कबूल करने के लिए मजबूर हो जाएगा.
ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का एक्स पर पोस्ट
ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रंप ने यह साफ कर दिया है, अमेरिका की नौसेना ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखेगी. इस नाकेबंदी के कारण, कुछ ही दिनों में, खार्ग द्वीप का स्टोरेज भर जाएगा और ईरान के तेल के कुएं बंद हो जाएंगे. ईरान के समुद्री व्यापार को सीमित करना सीधे तौर पर वहां की सरकार की कमाई की मुख्य नसों पर हमला है.
इकोनॉमिक फ्यूरी
बेसेंट ने कहा, अमेरिकी ट्रेजरी 'इकोनॉमिक फ्यूरी' (आर्थिक आक्रोश) के जरिए लगातार अधिकतम दबाव बनाए रखेगी, ताकि तेहरान की पैसे जुटाने, उन्हें एक जगह से दूसरी जगह भेजने और वापस लाने की क्षमता को धीरे-धीरे कम किया जासके. कोई भी व्यक्ति या जहाज जो इन लेन-देन में मदद करेगा, उसे अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. हम ईरान की जनता की तरफ से, वहां के भ्रष्ट नेताओं द्वारा चुराए गए पैसों को फ्रीज़ (जब्त) करना जारी रखेंगे.
क्यों महत्वपूर्ण है खार्ग
फ़ारसी खाड़ी में स्थित खार्ग, ईरान का एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कोरल द्वीप है. यहां से ईरान का 90 फीसदी तेल निर्यात होता है. हर दिन लाखों बैरल कच्चे तेल की खेप अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजी जाती है.
ट्रंप ने किया युद्ध विराम का ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को, मौजूदा अस्थायी संघर्ष-विराम खत्म होने से ठीक पहले, उसे आगे बढ़ाने की घोषणा की. पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ यह दो सप्ताह का संघर्ष-विराम 8 अप्रैल को घोषित किया गया था.
ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर कहा, इस तथ्य के आधार पर कि ईरान की सरकार गंभीर रूप से विभाजित है और पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर तथा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ़ के अनुरोध पर, हमसे यह कहा गया है कि हम ईरान पर अपना हमला तब तक के लिए रोक दें, जब तक कि उनके नेता और प्रतिनिधि कोई एक साझा प्रस्ताव लेकर सामने नहीं आ जाते. इसलिए, मैंने अपनी सेना को निर्देश दिया है कि वह नाकेबंदी जारी रखे और अन्य सभी मामलों में पूरी तरह से तैयार और सक्षम रहे.
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