बमाको: फ्रांस के सुरक्षा बलों ने आतंकवादी संगठन अलकायदा के उत्तर अफ्रीकी कमांडर अब्देल मलेक द्रोउकदेल को ढेर करके आतंकवाद विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है. फ्रांस के रक्षा मंत्री ने शुक्रवार देर रात आतंकवादी के मारे जाने की घोषणा की. साहेल क्षेत्र में जिहादियों के साथ लंबी लड़ाई में इसे बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है. Also Read - चीन से तनाव के बीच भारत को जुलाई अंत तक मिल सकते हैं 6 राफेल, बढ़ जाएगी IAF की ताकत

साहेल अफ्रीका के पश्चिम से पूर्व तक फैला एक क्षेत्र है जो सहारा के रेगिस्तान को दक्षिण के घास के मैदानों से पृथक करता है. साहेल पट्टी सेनेगल, मॉरिटानिया, माली, बुर्किना फासो, नाइजर, नाईजीरिया, चाड, सूडान और इरीट्रिया में फ़ैली हुई है. Also Read - भारत हवाई यात्रा के लिए अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी से 'द्विपक्षीय समझौतों' पर विचार कर रहा

इस्लामिक मगरेब में अलकायदा ने अपने नेता के मारे जाने की अभी पुष्टि नहीं की है. अलकादा की इस शाखा को एक्यूआईएम के नाम से जाना जाता है और इसने विदेशी नागरिकों को अगवा करके फिरौती में मोटी रकमें वसूल कर लाखों डॉलर की कमाई की है. Also Read - कोरोना की दवा के बड़े पैमाने पर उत्पादन में भारत को अहम भूमिका निभानी होगी: फ्रांस

रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ले ने ट्वीट किया कि द्रोउकदेल और उसके कई सहयोगी फ्रांस और उनके सहयोगी बलों के हाथों उत्तरी माली में बुधवार को मारे गए. अभी यह पता नहीं चल पाया है कि फ्रांस ने उसकी शिनाख्त कैसे की है.

द्रोउकदेल की मौत की खबर ऐसे वक्त में आई है जब फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों और मॉरिटानिया, माली, बुर्किना फासो, नाइजर और चाड जी5 साहेल समूह ने क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई के लिए जनवरी में एक नई योजना शुरू की थी.

कट्टरपंथियों के निगरानी समूह एसआईटीई ने मार्च में एक वीडियो जारी किया था, जिसमें द्रोउकदेल ने साहेल क्षेत्र की सरकारों से फ्रांस की सेना को वहां से हटाने को कहा था. यह स्पष्ट नहीं है कि द्राउकदेल माली में कब से था.