नई दिल्लीः दुनिया का सबसे शनकी मिजाज का तानाशाह माना जाने वाला किम जोंग उन(Kim Jong UN) अचानक गायब हो गया जिससे कई तरह की अफवाहें और अटकलों का दौर शुरू हो गया है. लगातार यह कहा जा रहा है कि किम की मौत हो गई है, लेकिन नार्थ कोरिया इन बातों को अफवाह करार दे रहा है. सच्चाई तब तक दुनिया के सामने नहीं आएगी जब तक नार्थ कोरिया की मीडिया की तरफ से कोई बयान नहीं आ जाता. Also Read - Coronavirus Cases In India: 1 दिन में 42 हजार से अधिक लोग हुए कोरोना संक्रमण का शिकार, 1,167 लोगों की हुई मौत

किम जोंग उन की मौत की खबर के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अब कौन उत्तर कोरिया(North Korea) का सुप्रीम लीडर होगा. ज्यादातर लोगों का मानना है कि किम की बहन किम यो जोंग ही देश की सत्ता की बागडोर संभालेंगी. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि बहन किम यो जोंग पढ़ाई के बाद से ही पिता के साथ राजनीति में जुड़ गईं थी और वो अपने पिता के कामकाज में हाथ बटाती थी. पिता की मौत के बाद किम यो जोंग ने भाई किम जोंग उन का सत्ता संभालने में साथ दिया. वे कई सालों से राजनीति से जुड़ी हुईं हैं तो उन्हें इसकी समझ भी है. Also Read - Coronavirus in Delhi: दिल्ली में कोरोना 89 नए मामले सामने आए, 24 घंटे में 11 लोगों की मौत

किम यो जोंग को(Kim YO Jong) किम जोंग उन की पर्सनल और सीक्रेट डायरी भी कहा जाता है. वे अपने भाई किम जोंग उन के साथ बड़े राजनीतिक सम्मेलन में भी भाग लेती थी. इस बात के पूरे आसार हैं कि किम के बाद वही देश की अगली सुप्रीम लीडर होंगी. किम यो जोंग को लेकर कई तरह की रिपोर्ट्स हैं. कुछ में कहा जा रहा है कि अगर उनके हाथ में सत्ता आती है तो वह दुनिया के लिए किम यो जोंग से ज्यादा खतरनाक साबित होंगी. दुनिया भर के लोगों का मानना है कि वह कभी भी कड़े फैसले लेने में हिचकती नहीं है और शायद यह कारण है कि पिता के बाद वे भाई के साथ  लगातार राजनीति में बनी हुईं हैं. Also Read - गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान, 'जुलाई-अगस्त में कोविड-19 टीकाकरण की गति बढ़ाएगी केन्द्र सरकार'

किम यो स्वभाव से थोड़ा तेज हैं और वो किसी भी निर्णय को तुरंत लेती हैं. उनके गर्म मिजाज का हाल ही एक उदाहरण मिला था जब दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों पर नाराजगी और आपत्ती जताई थी तो इसका जवाब किम यो जोंग ने ही दिया था. उन्होंने कहा था कि हमारी ताकत देखकर कुत्ते डरे हुए हैं और वे भौकना शुरू कर दिए हैं.

सन 1988 में किम यो जोंग का जन्म हुआ था और वह 31 साल की हैं. किम यो जोंग अपने पिता किम जोंग इल की पांचवी और सबसे छोटी बेटी. वे राजनीति में पिता की प्रमुख सहयोगी थी. माना जाता है कि किम यो जोंग की सत्ता धारी पार्टी पर अच्छी पकड़ है और वहां के लोग उन्हें पसंद करते हैं. वे सत्ता धारी पार्टी की केंद्रीय समित की उपाध्यक्ष भी हैं. भाई और पिता के साथ राजनीति में रहने के कारण उन्हे देश और अंतरराष्ट्रीय मुद्दो की भी अच्छी जानकारी है.

आपको बता दें कि नार्थ कोरिया में कभी किसी महिला का शासन नहीं रहा और ऐसे में उम्मीद है कि अगर किम को कुछ हुआ तो देश की बागडोर किम की बहन किम यो जोंग के हाथों में ही जाएगी.