NEWS Upadates: कुवैत से लगभग 8 लाख भारतीयों को निष्‍कासित किया जा सकता है, जहां भारतीयों की संख्‍या की लगभग 50 फीसदी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत एक नए बिल से देश में भारतीयों की संख्‍या सीमित करना चाहता है. कुवैत अपने यहां भारतीयों की संख्‍या 15 फीसदी से अधिक नहीं रखना चाहता है.Also Read - Covid 19 Third Wave: विशेषज्ञों का अनुमान- अगस्त में दिखेगा कोरोना की तीसरी लहर का कहर, अक्टूबर में बढ़ेंगे मामले

मिन्‍ट की रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत की नेशनल असेम्‍बली की कानूनी और विधाई कमेटी ने एक कोटा बिल के ड्राफ्ट को स्‍वीकृति दी है, जिसका उद्देश्‍य बड़ी संख्‍या में देश में रह रही जनसंख्‍या को निष्कासित करना है. इस बिल से सबसे बड़ा समूह होने के नाते भारतीयों को सबसे अधिक प्रभाव पड़ रहा है और बिल में कहा गया है कि 15 प्रतिशत से अधिक भारतीय प्रवासी आबादी का हिस्सा नहीं हो सकते हैं. Also Read - Covid 19 In Kerala: केरल में कोरोना का कहर, पड़ोसी राज्यों ने सख्त किए यातायात नियम, अब वैक्सीन लगवाना अनिवार्य

यह कदम जून में प्रधानमंत्री शेख सबा अल खालिद अल सबाह के बयान के अनुरूप है, जिसमें कुवैत की प्रवासी आबादी को 70 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत करने का प्रस्ताव था. रिपोर्ट में कहा गया है कि कानूनविद और सरकारी अधिकारीकोरोनोवायरस महामारी के बाद देश में प्रवासियों के खिलाफ तेजी से मुखर हो गए हैं. Also Read - GST कलेक्‍शन 33 फीसदी बढ़ा, सरकार के खजाने में आए 1.16 लाख करोड़ रुपए

कुवैत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और जर्मनी के साथ प्रवासी श्रमिकों के लिए सबसे बड़ा गंतव्य है. कुवैत में ऐसे श्रमिकों का एक बड़ा हिस्सा – बांग्लादेश, भारत, श्रीलंका और फिलीपींस से कम से कम 650,000 घरेलू कामगारों के रूप में कार्यरत हैं. जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी कोरोनवायरस वायरस सेंटर के अनुसार, कुवैत ने 6 जुलाई को 49,941 COVID-19 मामले दर्ज किए हैं, और विदेशी लोगों ने इन मामलों के बहुमत के लिए जिम्मेदार हैं.