Lockdown Latest News: कोरोना वायरस की मार बुरी तरह से झेल चुके पाकिस्‍तान (Pakistan) में फिर से कोविड-19 (Covid 19) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. इसे लेकर नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर (NCOC) ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगर लोग स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्‍ती से पालन नहीं करते हैं तो उनके पास फिर से सेवाओं को बंद करने का आदेश देने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा. Also Read - विपक्ष की रैलियां से डरे इमरान खान, बोले- पूरे पाकिस्तान में लगा दूंगा लॉकडाउन

फिर से पाकिस्तान में लॉकडाउन लगाने की खबर से  पाकिस्‍तान सरकार चिंतित है. लॉकडाउन के लिए पाकिस्तान में लोगों का स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन न करना और लापरवाही बरतना है. इससे लिहाजा, कोरोना के मामलों की संख्या में कोई कमी नहीं होने के कारण अब लॉकडाउन की एकमात्र उपाय बचा है. Also Read - केजरीवाल की सख्ती, दिल्ली में अब बिना मास्क के दिखे तो भरना पड़ेगा 2000 रुपये का जुर्माना

इसके बाद नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर (NCOC) के द्वारा दी गई चेतावनी के बाद पाकिस्तान में परिवहन क्षेत्र, बाजारों, मैरिज हॉल, रेस्तरां और सार्वजनिक समारोहों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप में घोषित करते हुए केंद्र ने प्रांतों को उन पर ध्यान केंद्रित करने और वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कदम उठाने की सलाह दी है. Also Read - Admission MBBS In CIMS: कोरोना का कहर, पहले राउंड की काउंसलिंग में सिर्फ एक ने लिया प्रवेश

एनसीओसी द्वारा बढ़ते संक्रमण की प्रवृत्ति की निगरानी के लिए बुलाए गए विशेष सत्र में ये टिप्पणियां की गईं. इसमें सभी प्रांतों के मुख्य सचिवों ने सत्र में भाग लिया.पाकिस्‍तान के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, एनसीओसी स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुपालन में सुधार नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि वायरस फ‍िर से तेजी से फैल रहा है और मौतों की संख्या भी बढ़ रही है. मुख्य सचिवों को एसओपी को सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया था. एसओपी के उल्लंघन पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी.

बाद में शाम को स्वास्थ्य पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक डॉ. फैसल सुल्तान ने कराची, हैदराबाद, मुल्तान, इस्लामाबाद, मुजफ्फराबाद, मीरपुर और गिलगिट जैसे बड़े शहरों में बिगड़ती स्थिति की चेतावनी दी.