नई दिल्ली: कोरोना वायरस के चलते कई देशों ने अपने शहरों को लॉकडाउन कर दिया है. सभी देश इस वायरस से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं. दुनिया के सभी देशों ने अपने यहां लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है. इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का एक बयान सामने आया है. WHO का कहना है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सिर्फ लॉकडाउन काफी नहीं है. Also Read - कोरोना के बीच CBSE कराएगा एग्जाम, प्रियंका गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से कहा- ये चौंकाने वाला फैसला, परीक्षाएं रद्द हों

रिपोर्ट्स के मुताबिक, WHO के माइक रायन ने कहा कि सिर्फ लॉकडाउन करने से इस वायरस से छुटकारा नहीं पाया जा सकता. इसके लिए जरूरी है कि देश इस वायरस से पीड़ित लोगों को ढूंढ़े और उन्हें निगरानी में रखें. तभी इस वायरस को रोका जा सकता है. Also Read - अब इस राज्य में कोरोना वायरस की खतरनाक बढ़ोतरी, 18 अप्रैल तक सभी स्कूल बंद किए गए

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के साथ सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि जब ये खत्म होगा तो लोग अचानक बड़ी संख्या में बाहर निकलेंगे और फिर खतरा बढ़ जाएगा. माइक रायन ने कहा कि चीन, सिंगापुर और साउथ कोरिया ने जब लॉकडाउन किया तो उन्होंने उस हर व्यक्ति की जांच की, जिसपर कोरोना वायरस का खतरा था. अब यूरोप, अमेरिका और अन्य देशों को भी यही मॉडल लागू करना चाहिए. अगर एक बार इसे फैलने से रोक दिया जाए तो बीमारी से निपटा जा सकता है. Also Read - क्या मुंबई में लंबे वक्त तक लगने वाला है लॉकडाउन? आशंका के चलते मुंबई से फिर घर लौट रहे प्रवासी कामगार