नई दिल्ली: कोरोना वायरस के चलते कई देशों ने अपने शहरों को लॉकडाउन कर दिया है. सभी देश इस वायरस से बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं. दुनिया के सभी देशों ने अपने यहां लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है. इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का एक बयान सामने आया है. WHO का कहना है कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सिर्फ लॉकडाउन काफी नहीं है. Also Read - Coronavirus Effect: लॉकडाउन के चलते बिजली वितरण कंपनियों को बिल के भुगतान में तीन महीनें की मोहलत

रिपोर्ट्स के मुताबिक, WHO के माइक रायन ने कहा कि सिर्फ लॉकडाउन करने से इस वायरस से छुटकारा नहीं पाया जा सकता. इसके लिए जरूरी है कि देश इस वायरस से पीड़ित लोगों को ढूंढ़े और उन्हें निगरानी में रखें. तभी इस वायरस को रोका जा सकता है. Also Read - डोनाल्ड ट्रंप ने दी सलाह- आराम से बैठें, सलीके से पेश आएं, हाथ धोएं और अमेरिका पर गर्व करें

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के साथ सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि जब ये खत्म होगा तो लोग अचानक बड़ी संख्या में बाहर निकलेंगे और फिर खतरा बढ़ जाएगा. माइक रायन ने कहा कि चीन, सिंगापुर और साउथ कोरिया ने जब लॉकडाउन किया तो उन्होंने उस हर व्यक्ति की जांच की, जिसपर कोरोना वायरस का खतरा था. अब यूरोप, अमेरिका और अन्य देशों को भी यही मॉडल लागू करना चाहिए. अगर एक बार इसे फैलने से रोक दिया जाए तो बीमारी से निपटा जा सकता है. Also Read - COVID-19: लॉकडाउन के बीच पुलिस की भूमिका में सड़कों पर उतरा T20 वर्ल्ड कप का हीरो, देखें तस्वीरें