वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लाई गई चंद्रमा और मंगल ग्रह पर अन्वेषण संबंधी एक अधिकारिक नीति के तहत अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने बुधवार को जर्मनी के ब्रेमेन में वर्ल्ड एस्ट्रोनॉटिकल कांग्रेस में अगले दशक में चंद्रमा और मंगल ग्रह पर इंसान को उतारने के अभियान की महत्वाकांक्षी योजना पेश की है. Also Read - Shining Clouds: अंतरिक्ष में रोज रात चमकते हैं बादल, तारों के आगे जहां और भी हैं...

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लॉकहीड मार्टिन कंपनी पहले ही अंतरिक्षयात्रियों को अंतरिक्ष की गहराईयों में ले जाने के लिए नासा के लिए ओरियन स्पेसक्राफ्ट बना रही है. कम्पनी के मुताबिक वो इसके ब्लूप्रिंट में और सुधार कर चन्द्रमा की सतह पर उतारने की कोशिश कर सकती है.

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि भविष्य में मंगल की यात्रा के लिए प्रारंभिक चरण के रूप में वह 1972 के बाद पहली बार चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की योजना बना रही है, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लाई गई नीति का ही हिस्सा है. इस लक्ष्य को पाने के लिए नासा ने एयरोस्पेस उद्योग से जुड़ी कंपनियों से चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाने वाला एक अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की योजना पेश करने को कहा है, जिसे चंद्रमा की सतह पर उतरने वाले अंतरिक्ष यान के साथ-साथ “लूनर गेटवे” कहा जा सकता है.

चार अंतरिक्षयात्री 14 दिन रह सकेगें चांद पर

अगस्त में जारी नासा कैलेंडर के मुताबिक 2020  तक अन्य देशों की मदद से चंद्रमा का चक्कर लगाने वाला स्टेशन स्थापित किया जाना है और यह 2026 तक चार अंतरिक्ष यात्रियों को समायोजित करने में सक्षम होगा. कम्पनी की योजना काफी महत्त्वाकांक्षी है. 14 मीटर का स्पेसक्राफ्ट चार अंतरिक्षयात्रियों को चंद्रमा की सतह पर ले जा सकने में सक्षम होगा जहां यात्री 14 दिन रह सकेंगे.