Islamist, France, Muslim, Emmanuel Macron, News: फ्रांस की संसद के निचले सदन ने मंगलवार को “इस्लामी अलगाववाद” के खिलाफ लड़ाई के लिए पेश किए गए एक बिल को पारित कर दिया है. यह बिल धार्मिक समूहों को नियंत्र‍ित करने के लिए अधिक अधिकार प्रदान करता है. वहीं, धार्मिक समूहों का कहना है कि सरकार राज्‍य के धर्मनिरपेक्ष स्‍वारूप को कमजोर कर रही है. Also Read - Ram Mandir निर्माण के लिए मुस्लिम समुदाय से लिया जाएगा चंदा, लखनऊ से अभियान की होगी शुरुआत

बता दें कि मंगलवार को फ्रांस की संसद के निचले सदन ने मंगलवार को एक ऐसे बिल पर मतदान के बाद पास कर दिया, जो सरकार को मस्जिदों और धार्मिक स्कूलों की निगरानी के अधिक अधिकार प्रदान करता है और इस्लामी कट्टरता को दूर करने के उद्देश्य से अन्य उपायों के साथ बहुविवाह और जबरन विवाह पर रोक लगाता है. राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन की मध्यमार्गी पार्टी को इस कानून के लिए नेशनल असेंबली के 347 सांसदों ने पक्ष में वोट दिया, जबकि 151 ने विरोध किया और 65 सांसदों ने वोटिंग नहीं की थी. Also Read - चीन से तनाव के बीच फ्रांस से भारत आई Rafale Aircraft की तीसरी खेप , IAF को मिली और मजबूती

यह बिल हाल के वर्षों में चरमपंथ से लड़ने के लिए व्यापक फ्रांसीसी प्रयासों का हिस्सा है, जो एक शिक्षक द्वारा अक्टूबर और अन्य हमलों में सिर कलम किए जाने के बाद तल्‍काल प्राप्त की थी. इस बिल में मस्जिदों और धार्मिक स्कूलों की सरकारी निगरानी, और इस्लामिक कट्टरपंथ को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से बहुविवाह और जबरन विवाह पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है.

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने कहा, कुछ समुदायों में कट्टरवाद का अतिक्रमण करने से फ्रांसीसी मूल्यों लैंगिक समानता और धर्मनिरपेक्षता की रक्षा के लिए भी प्रयासों की और अधिक कदमों की आवश्यकता है. लेकिन कई फ्रांसीसी मुसलमानों का कहना है कि मसौदा कानून धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करता है और उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाता है और कहा कि फ्रांस के आतंकवादी हिंसा से लड़ने के लिए पास पहले से ही पर्याप्त कानून हैं. आलोचकों का कहना है अगले साल के राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए मैक्रॉन द्वारा रूढ़िवादी और दूर-दराज़ मतदाताओं से समर्थन हासिल करने के लिए यह एक राजनीतिक पैंतरेबाज़ी का बिल है.

राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन की मध्यमार्गी पार्टी को इस कानून के लिए नेशनल असेंबली के 347 सांसदों ने पक्ष में वोट दिया, जबकि 151 ने विरोध किया और 65 सांसदों ने वोटिंग नहीं की थी.

बिल का अब ऊपरी सदन सीनेट को प्रस्तुत किया जाएगा, जहां मैक्रॉन की पार्टी बहुमत नहीं है. आंतरिक मंत्री गेराल्ड डर्मैनिन ने मंगलवार को वोट के आगे आरटीएल रेडियो को बताया. “यह एक कड़ा कानून है … लेकिन गणतंत्र के लिए आवश्यक है. “यह एक बहुत मजबूत धर्मनिरपेक्ष आक्रामक है.” बिल के मसौदा में इस कानून में मुसलमानों और धार्मिक समूहों को सीमित करने के लिए राज्य को नई शक्तियों का प्रावधान हैं.

बता दें कई फ्रांसीसी मुसलमानों का कहना है कि मसौदा कानून धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करता है और उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाता है. वे कहते हैं कि फ्रांस के पास पहले से ही आतंकवादी हिंसा से लड़ने के लिए पर्याप्त कानून हैं.