काराकास: परेशानियों से घिरे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने यूरोपीय देशों द्वारा दिए गए अल्टीमेटम को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि अंतर्राष्ट्रीय राजनीति अल्टीमेटम पर अपना आधार नहीं बना सकती. यूरोपीय देशों ने वेनेजुएला से समय से पहले चुनाव कराने का आह्वान किया है. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन ने मादुरो को रविवार तक राष्ट्रपति चुनाव कराने की घोषणा करने का वक्त दिया है और चुनाव की घोषणा नहीं होने की स्थिति में वे जुआन गुएडो को स्वघोषित अंतरिम राष्ट्रपति के तौर पर मान्यता दे देंगे.


अपने नियम मत थोपो
मादुरो ने स्पैनिश निजी चैनल लासेक्स्टा को रविवार को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “हम किसी का भी अल्टीमेटम स्वीकार नहीं करते हैं.” उन्होंने कहा, “अगर ऐसा है तो मैं यूरोपीय संघ (ईयू) जाता हूं और कहता हूं कि मैं आपको कैटालोनिया गणराज्य को मान्यता देने के लिए सात दिन का समय देता हूं और अगर ऐसा नहीं होता है तो हम अगला कदम उठाएंगे. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति अल्टीमेटम पर अपना आधार नहीं बना सकती. यह साम्राज्यवाद या उपनिवेशों का युग है.”

मादुरो ने सवाल किया कि क्या ईयू को उनके देश के लिए राजनैतिक नियम थोपने चाहिए? उन्होंने कहा, “क्यों ईयू दुनिया में एक देश को अपना राष्ट्रपति चुनाव फिर से कराने को कह रहा है? जबकि राष्ट्रपति चुनाव पहले ही उस देश के संविधान, उसके कानून, उसके संस्थान के मुताबिक और अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के साथ हो चुके हैं? क्यों? क्योंकि वेनेजुएला में उनके दक्षिणपंथी सहयोगी नहीं जीते?” मादुरो ने अपने देश में मानवीय संकट की भी स्वीकारने से इनकार कर दिया. (इनपुट भाषा)

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